राहुल बोले-आरएसएस-भाजपा को हराने का रास्ता गुजरात से होकर जाता है, कांग्रेस विचारधारा की लड़ाई को जीतेगी

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*जिला संगठन को जिले से ही चलाया जाएगा, संगठन तय करेगा कि चुनाव कौन लड़ेगा

*कांग्रेस पार्टी व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार सही जिम्मेदारी देगी

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस-भाजपा को हराने का रास्ता गुजरात से होकर जाता है। गुजरात से ही कांग्रेस को उसकी विचारधारा मिली थी, महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे कांग्रेस के सबसे बड़े नेता इसी राज्य से थे। उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्य है, वे यहां विचारधारा की लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को गुजरात के मोडासा में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक, शक्ति सिंह गोहिल, अमित चावड़ा, शैलेश परमार, तुषार चौधरी, मधुसूदन मिस्त्री, भरत सोलंकी, शिव डहरिया, लालजी भाई देसाई, कमलेंद्र सिंह सहित अनेक कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हुए राहुल गांधी ने गुजरात कांग्रेस को मजबूत करने का विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा और कांग्रेस के बीच विचारधारा की लड़ाई है। पूरा देश इस बात को जानता है कि आरएसएस-भाजपा को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही हरा सकती है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस पार्टी को मजबूती देना मुश्किल काम नहीं है। कांग्रेस यह काम पूरा करके रहेगी।

केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में बेरोजगारी और आर्थिक असमानता बढ़ रही है। केंद्र सरकार कुछ चुनिंदा अरबपतियों को देश की संपत्ति सौंप रही है। उन्होंने अडानी और अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि वो जो भी चाहते हैं, उन्हें वह सब मिल जाता है और गुजरात समेत पूरे देश की आम जनता बस देखती रह जाती है।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने “रेस के घोड़े” और “बारात के घोड़े” के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि पार्टी अब व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार सही जिम्मेदारी देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला संगठन को अहमदाबाद से नहीं, बल्कि जिले से ही चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिला अध्यक्षों को अधिक जिम्मेदारी और ताकत दी जाएगी। अब जिला अध्यक्षों का चयन जमीनी नेताओं की सलाह से होगा, न कि ऊपर से थोपा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी उन लोगों को मजबूती देना चाहती है, जिनकी पकड़ बूथ पर है। उन्होंने संगठन और चुनाव लड़ने वालों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अब संगठन यह तय करेगा कि चुनाव कौन लड़ेगा। उन्होंने इसे पार्टी का पायलट प्रोजेक्ट बताया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पार्टी में नई पीढ़ी को लाने और जनता से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा के साथ मिलीभगत करने वाले लोगों को पहचान कर प्यार से पार्टी से अलग करने की बात भी कही।

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