नई दिल्ली, द्वारका, 15 जुलाई 2026: दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले ने वाहन चोरी और सड़क अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक अनूठी और बेहद सफल मुहिम चलाई है। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री कुशल पाल सिंह (IPS) के नेतृत्व में पूरे जिले में 72 घंटे का विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चक्र’ (Operation CHAKRA) चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदतन वाहन चोरों, चोरी के वाहनों को खरीदने-बेचने वाले रिसीवरों और बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों पर नकेल कसना था। 3 दिनों तक चले इस सघन अभियान में पुलिस ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
72 घंटे में 30 वाहन चोर गिरफ्तार, सुलझे चोरी के 64 मामले
‘ऑपरेशन चक्र’ के दौरान द्वारका जिला पुलिस की ‘एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड’ (AATS) और सभी थानों की टीमों ने मिलकर चौतरफा कार्रवाई की। इस 72 घंटे के कड़े अभियान के परिणामस्वरूप 30 कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से चोरी के 64 वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें 61 दोपहिया वाहन और 3 चौपहिया वाहन शामिल हैं। इस बड़ी बरामदगी के साथ ही पुलिस ने वाहन चोरी के कुल 64 मामलों को एक साथ सुलझाने में सफलता हासिल की है।
शातिर और आदतन अपराधियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार
इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस का ध्यान केवल सामान्य धरपकड़ पर नहीं, बल्कि नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर था। ऑपरेशन के दौरान:
- 17 आदतन अपराधियों को दोबारा दबोचा गया।
- 04 घोषित बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
- 36 गाड़ियां संवेदनशील व चिन्हित पार्किंग स्थलों से बरामद की गईं।
- 23 वाहन आदतन अपराधियों के ठिकानों से बरामद किए गए।
- 03 गाड़ियां पिकेट चेकिंग के दौरान और 02 गाड़ियां आधुनिक एएनपीआर (ANPR) कैमरों की मदद से इंटरसेप्ट की गईं।
हाईटेक तकनीक और जमीनी रणनीति का बेहतरीन तालमेल
द्वारका पुलिस ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का शानदार समन्वय पेश किया। एएटीएस (AATS) के नेतृत्व में जिले भर में संदिग्ध पार्किंग स्थलों पर छापेमारी की गई, प्रमुख चौराहों पर सघन पिकेट चेकिंग लगाई गई और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम के जरिए चोरी की गाड़ियों को ट्रैक किया गया। इस सुनियोजित और जिला-स्तरीय रणनीति के कारण अपराधियों को भागने या छिपने का कोई मौका नहीं मिला।
सार्वजनिक सुरक्षा के लिए द्वारका पुलिस प्रतिबद्ध
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री कुशल पाल सिंह ने बताया कि वाहन चोरी केवल एक संपत्ति का नुकसान नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य सड़क अपराधों को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन चक्र’ की सफलता ने यह साबित किया है कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। द्वारका पुलिस भविष्य में भी इस तरह के कड़े अभियान जारी रखेगी ताकि आम जनता बिना किसी भय के सुरक्षित जीवन जी सके।












