नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने महादेव सट्टेबाजी ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक और पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे विकास गर्ग की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई भाजपा के नेताओं का भ्रष्टाचार अब एक-एक करके बेनकाब हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस 1200 करोड़ रुपये के महाघोटाले में यदि जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव न डाला जाए, तो कई अन्य बड़े भाजपा नेताओं के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
विकास गर्ग और उनके परिवार की 940 करोड़ की संपत्ति कुर्क
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अग्रसेन कॉलेज के ट्रस्टी और दिल्ली भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक विकास गर्ग तथा उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं। जबकि, इस घोटाले में कुल 1200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई और हेरफेर का मामला है। देवेंद्र यादव ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि भाजपा अब इस गंभीर आपराधिक और देश के सबसे बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट के मामले से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है और इसे महज एक ‘व्यापारिक मामला’ बताकर आरोपी से दूरी बना रही है।
सीमा शुल्क धोखाधड़ी मामले में भी घिरे हैं विकास गर्ग
देवेंद्र यादव ने याद दिलाया कि विकास गर्ग का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी सीबीआई (CBI) ने उनके खिलाफ 190 करोड़ रुपये की सीमा शुल्क धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी और उनसे लंबी पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे दागदार और लगातार घोटालों में घिरे व्यक्ति को भाजपा ने अपने आर्थिक प्रकोष्ठ जैसी महत्वपूर्ण इकाई का संयोजक बना रखा था, जो भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
“भ्रष्टाचार में ‘आप’ और ‘भाजपा’ एक सिक्के के दो पहलू”
आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों को घेरते हुए देवेंद्र यादव ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में ‘आप’ ने भ्रष्टाचार के जो रिकॉर्ड बनाए थे, भाजपा ने दिल्ली की सत्ता में आते ही महज डेढ़ वर्ष के भीतर उससे भी बड़े घोटालों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि दिल्ली की सत्ता से 27 साल बाहर रहने की कसर भाजपा आगामी 5 वर्षों में ही पूरी कर लेना चाहती है।”
अस्पतालों में ₹650 करोड़ का दवा घोटाला; सीबीआई जांच की मांग
उन्होंने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए ₹650 करोड़ के कथित घोटाले का मुद्दा भी उठाया। देवेंद्र यादव ने कहा कि सिर्फ जीबी पंत अस्पताल में ही दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त में ₹15 करोड़ की भारी अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसकी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि पूर्व डीजीएचएस (DGHS) के सरकारी गवाह बनने की तैयारी से साफ है कि इस दवा घोटाले में ‘आप’ और ‘भाजपा’ दोनों ही पार्टियों के नेताओं की संलिप्तता है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए ताकि दिल्ली की जनता के हक पर डाका डालने वाले भ्रष्टाचारियों के चेहरे बेनकाब हो सकें।












