तपती गर्मी से बच्चों को बचाएगा ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ मॉडल: NDMA, GIZ इंडिया और दिल्ली सरकार की संयुक्त पहल का उच्च-स्तरीय निरीक्षण

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नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026: दिल्ली में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) के जानलेवा प्रभावों से स्कूली बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ी और अनूठी पहल की है। बुधवार को शालीमार बाग स्थित बी. टी. ब्लॉक के सर्वोदय बाल विद्यालय में ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ पायलट प्रोजेक्ट का एक उच्च-स्तरीय निरीक्षण किया गया। इस विशेष दौरे का आयोजन जिला प्रशासन (मध्य-उत्तर जिला), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और जीआईजेड (GIZ) इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस पायलट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य अत्यधिक गर्मी के दौरान सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करना है।

इस दूरदर्शी पहल की सराहना करते हुए दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने साझेदार संस्थाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, “बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बदलते जलवायु परिदृश्य में ऐसे नवाचारी प्रयास समय की मांग हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि यह मॉडल जल्द ही दिल्ली के अन्य स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।”

कूल रूफ और शेडेड कॉरिडोर जैसी तकनीकों से सुसज्जित हुआ स्कूल

उच्च-स्तरीय निरीक्षण के दौरान डेलिगेशन ने स्कूल परिसर में किए गए बुनियादी और संरचनात्मक सुधारों को करीब से देखा। इस मॉडल के तहत स्कूल की छतों पर विशेष ‘कूल रूफ’ (गर्मी रोकने वाली कोटिंग) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, छात्रों के लिए छायादार गलियारे (शेडेड कॉरिडोर्स), प्रतीक्षा क्षेत्र, ठंडे व साफ पेयजल की आधुनिक सुविधाएं और हीट सुरक्षा से जुड़े सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही, बच्चों में गर्मी के तनाव को कम करने के लिए कई सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की गई है।

दिल्ली हीट एक्शन प्लान का व्यावहारिक विस्तार

मध्य-उत्तर जिला के जिलाधिकारी (DM) श्री शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लागू किए गए ‘दिल्ली हीट एक्शन प्लान’ का ही एक व्यावहारिक विस्तार है। यह योजना नीतिगत सोच को जमीनी स्तर पर उतारकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जलवायु-अनुकूल शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर बेहतर तालमेल और कड़े क्रियान्वयन के माध्यम से इस मॉडल को आगे बढ़ा रहा है।

देश भर के स्कूलों के लिए रोल मॉडल बनेगा यह प्रोजेक्ट: डॉ. कृष्णा वत्स

निरीक्षण के दौरान एनडीएमए (NDMA) के सदस्य सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णा एस. वत्स ने कहा कि आज हीटवेव भारत के सामने सबसे तेजी से बढ़ते जलवायु खतरों में से एक है। उन्होंने कहा:

“हीट स्मार्ट स्कूल न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल देते हैं, बल्कि उन्हें अपने परिवारों में जलवायु अनुकूलन का संदेशवाहक भी बनाते हैं। भारत सरकार, दिल्ली सरकार, जीआईजेड इंडिया और जर्मन दूतावास के सहयोग से तैयार यह मॉडल बेहद सरल, किफायती और विस्तार योग्य है, जिसे पूरे देश के स्कूलों में लागू किया जाना चाहिए।”

निरीक्षण में जर्मन दूतावास और राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस उच्च-स्तरीय दौरे में एनडीएमए के सदस्य सचिव डॉ. कृष्णा एस. वत्स, डीएम शैलेंद्र सिंह परिहार, जर्मन दूतावास के आर्थिक सहयोग प्रभाग के द्वितीय सचिव श्री जोहानेस श्नाइडर, जीआईजेड इंडिया की निदेशक डॉ. रचना अरोड़ा, परियोजना प्रबंधक सुश्री मेघना क्षीरसागर, एडीआरए (ADRA) इंडिया के कंट्री डायरेक्टर श्री संतोष श्रीकांत पत्तार और विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विक्रम यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह परियोजना ‘इनक्रिस’ (Increse) प्रोग्राम के तहत एकीकृत हीटवेव प्रबंधन और संवेदनशील समुदायों की जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

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