अपोलो हॉस्पिटल्स ने लॉन्च किया ‘Always Open. Always Here.’ -भारत से दुनिया के लिए हेल्थकेयर में पहली पहल – अब रविवार को भी मिलेंगी ओपीडी, जांच और हेल्थ चेकअप की सुविधा

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नई दिल्ली | 18 अगस्त 2026: अपोलो हॉस्पिटल्स ने आज ‘Always Open. Always Here.’ की शुरुआत की घोषणा की। यह अपनी तरह की पहली पहल है जिसके तहत अपोलो हॉस्पिटल्स में अब सप्ताह के सभी सात दिन, रविवार सहित, नियमित और नियोजित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

अपोलो में आपातकालीन, क्रिटिकल केयर और इनपेशेंट सेवाएं पहले से ही 24×7 उपलब्ध हैं। इस नई पहल के साथ अब ओपीडी परामर्श, डायग्नोस्टिक्स, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप, फॉलो-अप परामर्श और निर्धारित प्रक्रियाएं भी रविवार को मिलेंगी। इसका उद्देश्य मरीजों और परिवारों को सप्ताह के दिन का इंतजार किए बिना समय पर देखभाल लेने में मदद करना है।

समय की बाधा को तोड़ने की पहल

आज कामकाजी भारतीयों के लिए समय सबसे बड़ी बाधा है। व्यस्त कार्यसूची, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सप्ताह के दिनों की प्रतिबद्धताओं के कारण लोग अक्सर डॉक्टर से परामर्श, जांच और हेल्थ चेकअप टाल देते हैं।

अपोलो का ‘Health of the Nation 2026 Report’ बताता है कि मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर जैसी लाइफस्टाइल बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है और ये बीमारियां अब भारतीयों को उनके सबसे उत्पादक वर्षों में प्रभावित कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार अपोलो इकोसिस्टम में 2.5 मिलियन से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग के आधार पर एक “साइलेंट एपिडेमिक” उभर रही है, जहां लाखों लोग बिना लक्षणों के भी पुरानी बीमारियों के साथ जी रहे हैं। 26% लोग हाइपरटेंसिव और 23% डायबिटिक पाए गए, जबकि उनमें कोई लक्षण नहीं था। यह साबित करता है कि केवल लक्षण-आधारित हेल्थकेयर मॉडल अब पर्याप्त नहीं है।

‘Always Open. Always Here.’ इसी अंतर को भरती है और मरीजों को अपनी सेहत पर ध्यान देने के लिए एक और दिन देती है, इससे पहले कि देरी जोखिम बन जाए।

डॉ. प्रताप सी. रेड्डी, संस्थापक एवं अध्यक्ष, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, “चार दशकों से अधिक समय से अपोलो का मानना है कि हेल्थकेयर केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की रक्षा और बीमारी की रोकथाम के बारे में है। ‘Always Open. Always Here.’ इसी वादे की निरंतरता है। हम आपातकाल और क्रिटिकल केयर के लिए हमेशा उपलब्ध रहे हैं। अब हम इसी प्रतिबद्धता को नियमित और निवारक देखभाल तक, सप्ताह के सातों दिन बढ़ा रहे हैं। यह हर भारतीय के लिए हमारी सेवा की मुहर है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पहल अपोलो के हर डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन और हेल्थकेयर वर्कर और उनके परिवारों को समर्पित है। हेल्थकेयर सेवा की पेशा है। उनकी प्रतिबद्धता के कारण ही हम मरीजों और परिवारों के लिए यह कदम उठा पा रहे हैं। अगर एक समय परामर्श से बीमारी का जल्दी पता चलता है या किसी संकट को रोका जाता है, तो हमने एक जीवन बदल दिया। अगर हम लाखों लोगों को संकट से पहले देखभाल चुनने के लिए प्रेरित करते हैं, तो हमने भविष्य बदल दिया।”

पहलों की विरासत, अब समय की बाधा पर प्रहार

अपोलो हॉस्पिटल्स ने हमेशा समाज द्वारा सामान्य माने जाने वाले नियमों को चुनौती देकर हेल्थकेयर में बदलाव किया है। डॉ. रेड्डी ने सवाल किया कि जीवन बचाने वाली जगह को ‘Casualty’ क्यों कहा जाए और इसे ‘Emergency’ के रूप में पुनर्परिभाषित किया। उन्होंने उड़ानों में धूम्रपान बंद करने और फार्मेसियों को आज की पहचान देने वाली हरी पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1983 से अपोलो ने भारतीय हेल्थकेयर को परिभाषित किया है: भारत में पहली बार कार्डियक सर्जरी, दक्षिण एशिया का पहला प्रोटॉन कैंसर सेंटर, 3 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचने वाला Master Health Check, और दुनिया के सबसे व्यस्त सॉलिड-ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम में से एक। Apollo ProHealth पहला AI-संचालित रिस्क प्रेडिक्शन टूल है जो लोगों को बीमारी बढ़ने से पहले जोखिम पहचानने में मदद करता है। आज 150 से अधिक देशों के मरीज अपोलो में इलाज के लिए आते हैं।

‘Always Open. Always Here.’ के साथ अपोलो ने एक और पहली उपलब्धि जोड़ी है: नियमित हेल्थकेयर में समय की बाधा को समाप्त करना।

डॉ. प्रीथा रेड्डी, कार्यकारी उपाध्यक्ष, अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, “लोगों को ऐसा समय मिलना चाहिए जब वे आसानी से मेडिकल केयर ले सकें। कामकाजी पेशेवरों, केयरगिवर्स और कई जिम्मेदारियां निभाने वाले परिवारों के लिए डॉक्टर से मिलना, हेल्थ चेक कराना या फॉलो-अप करना, खासकर रविवार को, बड़ा अंतर ला सकता है। ‘Always Open. Always Here.’ इस बात का प्रमाण है कि अपोलो की भरोसेमंद देखभाल अब सप्ताह के हर दिन उपलब्ध है।”

मरीजों के लिए क्या बदलेगा?

अब मरीज रविवार को भी विशेषज्ञ परामर्श, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप, डायग्नोस्टिक्स, फॉलो-अप परामर्श और निर्धारित प्रक्रियाओं का लाभ ले सकेंगे। यह सुविधा अस्पताल-विशिष्ट शेड्यूल और सेवा उपलब्धता के अधीन होगी।

इसका मतलब है कि एक कामकाजी पेशेवर बिना छुट्टी लिए हेल्थ चेक पूरा कर सकता है, एक परिवार अपने बुजुर्ग माता-पिता को नियोजित जांच के लिए ला सकता है, और फॉलो-अप के लिए मरीज को सोमवार तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इस पहल के लिए अपोलो अपने मौजूदा क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, डॉक्टरों, डायग्नोस्टिक्स, ऑपरेशन थिएटर और समन्वित केयर टीमों का उपयोग करेगा ताकि रविवार की पहुंच को अधिक संरचित और मरीज-मैत्रीपूर्ण बनाया जा सके। अपोलो के लिए यह गुणवत्ता वाली हेल्थकेयर को अधिक समय पर, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का स्वाभाविक विस्तार है।

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