दिल्ली पुलिस ने बुधवार को परेड ग्राउंड, न्यू पुलिस लाइन्स, किंग्सवे कैंप, में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन कर कर्तव्य की राह पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को याद किया गया। शहीद पुस्तक को “वतन की राह पर वतन के नौजवान शहीद हों” की धुन पर धीमी चाल में परेड पर लाया गया। गार्ड ने सलामी शस्त्र दिया और सभी अधिकारियों ने शहीद पुस्तक को सलामी दी, जिसे बाद में मंच पर रखा गया।
पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, ने दिल्ली पुलिस के तीन कर्मियों सहित विभिन्न राज्य और केंद्रीय पुलिस संगठनों के शहीदों के नाम पढ़े।
इस अवधि में कुल 154 पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें दिल्ली पुलिस के 3 कर्मी शामिल हैं। राज्यवार विवरण इस प्रकार है: आंध्र प्रदेश 1, अरुणाचल प्रदेश 1, असम 6, बिहार 12, छत्तीसगढ़ 6, गुजरात 2, हरियाणा 4, झारखंड 3, कर्नाटक 5, केरल 1, मध्य प्रदेश 9, महाराष्ट्र 2, मणिपुर 1, पंजाब 2, राजस्थान 5, तमिलनाडु 6, तेलंगाना 4, उत्तर प्रदेश 6, उत्तराखंड 1, पश्चिम बंगाल 5, जम्मू कश्मीर 9, असम राइफल्स 6, बीएसएफ 25, सीआईएसएफ 4, सीआरपीएफ 2, आईटीबीपी 9, एसएसबी 5, आरपीएफ 8, फायर सर्विसेज 1।
समारोह के बाद शहीद पुस्तक को धीमी चाल में स्मारक तक ले जाया गया। पुलिस आयुक्त ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
डॉ. किरण बेदी, पूर्व उपराज्यपाल और पूर्व पुलिस आयुक्त टी.आर. कक्कड़, आर.एस. गुप्ता, नीरज कुमार, एस.एन. श्रीवास्तव, राकेश अस्थाना, संजय अरोड़ा सहित सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी सैनिकों के हमले में 10 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनकी स्मृति में ही यह दिवस मनाया जाता है।









