उप महापौर, श्री. आले मोहम्मद इकबाल ने एमसीडी के ‘100 डेज़ टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान की शुरुआत की

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*दिल्ली नगर निगम का ‘100 डेज़ टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान बेहद जरूरी और सराहनीय कदम: उपमहापौर

*उप महापौर ने नागरिकों से दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की भी अपील की

दिल्ली के उप महापौर, श्री आले मोहम्मद इकबाल ने आज वेस्ट टू वंडर पार्क (डायनासोर पार्क), सराय काले खां, नई दिल्ली में ‘100 डेज़ टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान अभियान का शुभारम्भ किया। जन भागीदारी से शहर को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम द्वारा इस अनूठे अभियान का दूसरा संस्करण शुरू किया गया है। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद, सुश्री सारिका चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त, एमसीडी, सुश्री साक्षी मित्तल, सभी 12 जोनों के उपायुक्त और एमसीडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त सुश्री वंदना राव द्वारा ‘100 डेज टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्लास्टिक कचरे से बने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इस अवसर पर अपशिष्ट प्रबंधन, इन-सीटू कंपोस्टिंग/स्रोत पर पूर्ण अपशिष्ट पृथक्करण के लिए जीरो वेस्ट कॉलोनियों/संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।

उप महापौर , श्री आले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि प्लास्टिक के खिलाफ 100 दिनों का यह अभियान बेहद शानदार और प्रशंसनीय है। मैं दिल्ली नगर निगम के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई देता हूं। श्री इकबाल ने कहा कि दिल्ली नगर निगम शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रभावी ढंग के कार्य कर रहा है और इस क्षेत्र में वह देश की बाकी निगमों से कहीं आगे हैं। एक समय में यह सोचना बेहद मुश्किल था कि निगम प्लास्टिक के खिलाफ अभियान भी चला सकती है। लेकिन दिल्ली नगर निगम ने यह कर दिखाया है। दिल्ली नगर निगम ने कागजों के बजाय धरातल पर प्लास्टिक के खिलाफ बेहद शानदार कार्य किया है। कूड़े से कलाकृति बनाने का जो काम दिल्ली नगर निगम ने किया है, वैसा कार्य कोई और निगम नहीं कर पाया है। प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे भविष्य के लिए भी बड़ा खतरा है। हम सभी को मिलकर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को जन जन तक ले जाना पड़ेगा। जन भागीदारी के साथ ही किसी भी अभियान को सफल बनाया जा सकता है। मुझे यकीन कि हम सभी एक साथ मिलकर एक दिन जरूर दिल्ली को प्लास्टिक मुक्त बनाने में अवश्य सफल होंगे।

अतिरिक्त आयुक्त, ने कहा कि यह प्लास्टिक के खिलाफ अभियान का दूसरा संस्करण है। हमने पिछले वर्ष भी प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए ऐसा ही एक अभियान शुरू किया था। इस बार भी हम प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यवाही करेंगे। हम प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरुक करने के लिए भी कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य साप्ताहिक बाजारों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का है। दिल्ली नगर निगम के प्रत्येक जोन के 5-5 साप्ताहिक बाजारों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए कार्य किया जाएगा। दिल्ली को पलास्टिक मुक्त बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम होगा। साप्ताहिक बाजारों और अन्य जगहों से जब्त प्लास्टिक से हम रिसाइकिल उत्पाद जैसे डेस्क व बेंच आदि बनाएंगे। इन बेंचों को निगम के पार्कों या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जाएगा। हमने पिछले अभियान के दौरान हमने करीब 20 स्थानों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन लगाई थी। इस बार हम बाजारों में क्लोथ वेंडिंग मशीन लगाएंगे। इसके अलावा आज दिल्ली नगर निगम द्वारा हरित मित्र और सहभागिता कॉलोनियों को भी सम्मानित किया गया है। ये कॉलोनी गीले कूड़े से स्रोत पर ही खाद बना रही हैं। दिल्ली में अब स्रोत पर ही अपशिष्ठ प्रबंधन करने वाली जीरो-वेस्ट कॉलोनी की संख्या 400 हो गई है। यह बेहद खुशी की बात है। हमें भरोसा है कि हम दिल्ली के नागरिकों के साथ मिलकर दिल्ली को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए गंभीर प्रयास करेंगे।

‘100 डेज टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान

‘100 डेज टू बीट प्लास्टिक-2.0’ अभियान के तहत, एमसीडी ने प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक को जब्त करने, कपड़े के थैलों के वितरण, अधिक विकल्प स्टोर खोलने, एकल-उपयोग प्लास्टिक से निपटने के लिए जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम और साप्ताहिक बाजारों में गहन निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई सहित विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई है। अभियान के दौरान एमसीडी रणनीतिक तरीके से साप्ताहिक बाजारों को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। पर्यावरण की रक्षा और दिल्ली को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए एमसीडी हर संभव प्रयास कर रही है।

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