निगम की आप सरकार ने डीएमसी एक्ट 1957 की अवहेलना करते हुए गैरकानूनी तरीके से बजट पारित कराया- सरदार राजा इकबाल सिंह

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*निगम की आप सरकार ने दिल्ली की जनता को कोई भी रियायत नहीं दी,एमनेस्टी स्कीम भी नहीं बढ़ाई गई- सरदार राजा इकबाल सिंह

*आप सरकार की मंशा सभी संवैधानिक समितियों को पंगु बनाना, आप सरकार का मकसद सारी शक्तियां मेयर को देकर भ्रष्टाचार करना- सरदार राजा इकबाल सिंह

*भारतीय जनता पार्टी इस असंवैधानिक बजट का विरोध करती है,इस गैरकानूनी बजट की शिकायत हम दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय से करेंगे- सरदार राजा इकबाल सिंह

दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने आज निगम सदन की बैठक में असंवैधानिक तरीके से पारित बजट पर निगम की आप सरकार पर तीखा हमला बोला। सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि आप सरकार ने निगमायुक्त एवं निगम सचिव की गैरमौजूदगी में बजट को पारित करा दिया जोकि सरासर गैरकानूनी एवं निगम एक्ट 1957 की अवहेलना है। सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम की आप सरकार ने दिल्ली के नागरिकों को करों में कोई भी रियायत नहीं दी है तथा साथ ही एमनेस्टी स्कीम को न बढ़ाने का फैसला निगम की आप सरकार द्वारा लिया गया है। सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि बजट को बिना पढ़े एवं बिना चर्चा के पास कर दिया गया जोकि निगम के इतिहास में पहली बार हुआ है। सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बजट अनुमानों में न तो आय बढ़ी है और न ही व्यय तो ऐसे में आप पार्टी कैसे दावा कर रही है कि हम निगम की आय बढ़ाएंगे।

सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम की आप सरकार सभी संवैधानिक समितियां जैसे शिक्षा समिति,वार्ड समिति इत्यादि को पंगु बनाने की दिशा में कार्य कर रही है जिसके चलते इन समितियों के बजट को काट कर मेयर के विशेषकाधिकार बजट में दिया जा रहा है। सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण से हमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है।सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि आप सरकार ने शिक्षकों के वेतन का बजट मेयर को देने एवं शिक्षकों का वेतन दिल्ली सरकार से सीधे दिलाने के वादे पर भी हमे भरोसा नहीं है उन्होंने कहा कि इस वादे का हश्र भी दिल्ली सरकार द्वारा लैंडफिल साइट साफ करने के लिए 850 करोड़ रूपए देने के वादे की तरह ही होगा जिसमे दिल्ली सरकार अपने वादे से मुकर गई थी।

सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम की आप सरकार पिछले दरवाजे से निगम विद्यालयों को खत्म करना चाहती है ।उन्होंने कहा कि अभी तो ये लोग निगम विद्यालयों के मैदान लीज पर देने की बात कर रहे हैं लेकिन धीरे धीरे यह निगम विद्यालयों को विलय कर विद्यालयों की भूमि को बेचना चाह रहे हैं। श्री राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम द्वारा संचालित पार्किंग स्थल का सर्वे के नाम पर अपने पसंद के ठेकेदारों को देने की कोशिश है।

सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एवं इसके तमाम पार्षद इस असंवैधानिक कृत्य का पुरजोर विरोध करते हैं तथा हम इसकी शिकायत दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल महोदय से आज शाम को करेंगे।

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