दिल्ली विश्वविद्यालय में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और भारती कॉलेज की पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता किलसन की अवैध बर्खास्तगी के मामले में सोमवार को हरियाणा भवन, नई दिल्ली में सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध और पीड़ित प्रोफेसर डॉ. अंकिता किलसन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा करते हुए सांसद श्री बौद्ध ने कहा कि यह मामला केवल एक शिक्षिका की नौकरी का नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के मंदिर में चल रहे एक बड़े संगठित भ्रष्टाचार और वसूली रैकेट का है। आरोप है कि डॉ. अंकिता किलसन को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने विश्वविद्यालय में नौकरियों के बदले लाखों रुपये वसूलने वाले माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी।
आवाज उठाने की कीमत उन्हें अपनी नौकरी गंवाकर चुकानी पड़ी। उन्हें नियमों को ताक पर रखकर मनमाने और पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। यह भर्ती के नाम पर धन उगाही करने वाले एक बड़े नेक्सस का हिस्सा है, जो योग्य, दलित और ईमानदार उम्मीदवारों का हक छीन रहा है।
न्याय की लड़ाई में डॉ. किलसन दिल्ली के न्यायालय की शरण में गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने साजिश में शामिल आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। बताया जाता है कि FIR दर्ज होने भी कोई करवाई नहीं हो रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोर्ट के आदेश की प्रति और पूरे मामले के दस्तावेजी साक्ष्य मीडिया के समक्ष रखे गए। आइए देखते हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध और डॉ. अंकिता किलसन ने वरिष्ठ संवाददाता से विशेष बातचीत में अपना दर्द बयां किया।





