दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल – सरदार तरनजीत सिंह संधू ने आज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। इनमें एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में एनडीएमसी कर्मचारियों के साथ संवाद, चाणक्यपुरी स्थित अनुपम कॉलोनी में जीरो-वेस्ट मॉडल क्षेत्र का दौरा तथा नई दिल्ली के डिप्लोमैटिक एन्क्लेव, धर्म मार्ग स्थित डेंटल केयर क्लिनिक में दंत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का उद्घाटन शामिल था।
इस अवसर पर एनडीएमसी अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष – श्री कुलजीत सिंह चहल, विधायक एवं एनडीएमसी सदस्य – श्री वीरेंद्र सिंह कादियान, अन्य परिषद सदस्य – श्री अनिल वाल्मीकि एवं श्रीमती सरिता तोमर, सचिव – श्री राहुल सिंह, वित्तीय सलाहकार – श्री राकेश सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
माननीय उपराज्यपाल ने समर्पित एनडीएमसी परिवार के साथ संवाद किया और उन सफाई कर्मचारियों, माली, इंजीनियरों तथा कर्मचारियों की सराहना की, जो हमारी राष्ट्रीय राजधानी के हृदय स्थल को स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर एनडीएमसी को बधाई दी।
विश्वस्तरीय दिल्ली के लिए चार स्तंभों वाले रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बेहतर प्रकाश व्यवस्था और पिंक फोर्स की तैनाती के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुरक्षित सड़कों, एआई-सक्षम त्वरित नागरिक सेवाओं, जीरो-वेस्ट पड़ोस तथा साझा नागरिक जिम्मेदारी के रूप में जनभागीदारी पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा, “हमारे अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी शहर के वास्तविक ब्रांड एंबेसडर हैं। विकसित भारत के लिए विकसित दिल्ली के निर्माण के दौरान उनकी सुरक्षा, गरिमा, कल्याण और संस्थागत सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता बने रहना चाहिए।”
एनडीएमसी कर्मचारियों के साथ संवाद के दौरान सरदार संधू ने कहा, “नई दिल्ली केवल देश का प्रशासनिक केंद्र नहीं है; यह दुनिया भर से आने वाले आगंतुकों के लिए भारत का चेहरा और पहली छाप है। इसलिए राष्ट्रीय राजधानी की स्वच्छता, हरियाली, रखरखाव और समग्र स्वरूप का अत्यंत महत्व है। मैं एनडीएमसी के अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों—सफाई कर्मचारियों, माली, इंजीनियरों तथा विद्युत एवं रखरखाव कर्मचारियों—के समर्पण की गहराई से सराहना करता हूं, जो नई दिल्ली को स्वच्छ, हरा-भरा और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रतिदिन अथक परिश्रम करते हैं।”
माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान एनडीएमसी द्वारा प्रदर्शित प्रतिबद्धता सराहनीय है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसरों के दौरान स्वच्छता और नागरिक सेवाओं के उच्च मानकों को बनाए रखने तथा उन्हें दैनिक जीवन में भी निरंतर कायम रखने की क्षमता एनडीएमसी परिवार की पेशेवर दक्षता और समर्पण को दर्शाती है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत स्रोत स्तर पर 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण की उपलब्धि टिकाऊ कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और स्वच्छ दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अच्छी रोशनी वाली सड़कें, अंधेरे स्थानों का उन्मूलन, प्रभावी शिकायत निगरानी, बेहतर सेवा वितरण, वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निपटान और जीरो-वेस्ट कॉलोनियां नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती हैं। माननीय उपराज्यपाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती; प्रत्येक नागरिक को इस प्रयास में सक्रिय भागीदार बनना होगा।
सरदार संधू ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ उनकी समस्याओं पर चर्चा की। इनमें चिकित्सा संबंधी आवश्यकताएं, कार्यस्थल एवं आसपास महिलाओं की सुरक्षा, सफाई कार्य में मशीनीकरण तथा प्रौद्योगिकी अपनाए जाने के कारण रोजगार समाप्त होने की आशंका जैसे मुद्दे शामिल थे। कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर मनोरंजन सुविधाओं और कैंटीन की व्यवस्था तथा नए आवास की आवश्यकता आदि पर भी चर्चा हुई।
माननीय उपराज्यपाल ने एनडीएमसी क्षेत्र में स्थित अनुपम कॉलोनी का दौरा किया, जहां उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों से बातचीत की और स्रोत स्तर पर 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण एवं मौके पर ही कम्पोस्टिंग के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।
उपराज्यपाल ने कहा कि समुदाय की ओर से कॉलोनी को जीरो-वेस्ट पड़ोस के रूप में बनाए रखने की प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सक्रिय नागरिक भागीदारी, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और स्थानीय समाधान किस प्रकार हमारे पड़ोस को अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ बना सकते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी पहलों की सफलता केवल व्यक्तिगत कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इससे दिल्ली भर में इसी तरह के प्रयासों को प्रेरणा मिलनी चाहिए। स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, कम्पोस्टिंग और विकेंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण के माध्यम से कचरा प्रबंधन को सामुदायिक स्तर तक ले जाकर हम कचरे के उत्पादन को कम कर सकते हैं, लैंडफिल पर दबाव घटा सकते हैं और अधिक स्वच्छ एवं टिकाऊ दिल्ली का निर्माण कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “अनुपम कॉलोनी का उदाहरण दर्शाता है कि जब नागरिक स्वयं बदलाव की अगुवाई करते हैं, तो जीरो-वेस्ट भविष्य की शुरुआत पड़ोस के स्तर से ही हो सकती है।”
माननीय उपराज्यपाल ने धर्म मार्ग पर दंत स्वास्थ्य जागरूकता एवं निवारक मौखिक स्वास्थ्य शिविर का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने दंत विशेषज्ञों से बातचीत की और विशेष रूप से तैयार किए गए जागरूकता स्टॉलों का दौरा किया। इन स्टॉलों में ‘अपने मुंह को जानें’, वरिष्ठ नागरिक/जेरियाट्रिक देखभाल, तंबाकू एवं कैंसर जागरूकता, बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य तथा आधुनिक 3D दंत चिकित्सा देखभाल से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई।
शिविर में निवारक दंत चिकित्सा देखभाल तथा अच्छी मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला गया और इसे स्वस्थ जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा बताया गया।







