राजधानी की प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजकों में से एक, आराम बाग पूजा समिति ने अपने 38वें वर्ष में 2026 के उत्सव की थीम ‘प्रिंट की शक्ति कभी फीकी नहीं पड़ती: राष्ट्रों को आकार देने वाली स्याही’ की घोषणा की है।
इस वर्ष पहाड़गंज स्थित आराम बाग पंडाल को मुद्रित शब्द के प्रति दृश्य श्रद्धांजलि के रूप में सजाया जाएगा। थीम के माध्यम से पत्रकारिता, साहित्य, शिक्षा और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण में प्रिंट के योगदान को दर्शाया जाएगा। अखबारों, पुस्तकों और पत्रिकाओं ने किस तरह जनमत को दिशा दी और पीढ़ियों को जोड़ा, इसे विषय-आधारित इंस्टॉलेशन और दृश्य कथाकथन के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष अभिजीत बोस ने कहा, “प्रिंट ने मानव सभ्यता के विकास में असाधारण भूमिका निभाई है। इस पूजा के माध्यम से हम उन पत्रकारों, संपादकों और प्रकाशकों को सम्मानित करना चाहते हैं, जिन्होंने इस परंपरा को जीवित रखा।”
अध्यक्ष इंद्रनील सरकार ने बताया कि उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों की गतिविधियां और बंगाली व्यंजनों का फूड कोर्ट भी होगा।
कार्यक्रम: 16 अक्टूबर को महाषष्ठी से प्रारंभ होगा और 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा।




