आम आदमी पार्टी एवं अरविंद केजरीवाल विभव कुमार मामले में सुप्रिम कोर्ट की तलख टिप्पणी पर जवाब दें — कमलजीत सहरावत

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*सुप्रिम कोर्ट की टिप्पणी की क्या सी. एम. आवास में गुंडे भी रहते हैं, क्योंकि विभव कुमार का बर्ताव किसी गुंडे की तरह व्यवहार किया था, मुख्यमंत्री के लिए शर्मनाक है – कमलजीत सहरावत

*हद तो तब हुई जब अरविंद केजरीवाल इस पूरे मामले को जानकारी होने के बाद भी विभव को अपने साथ राजनीति पर्यटन में ले जाते हैं – कमलजीत सहरावत

*भाजपा का स्वाति मालीवाल से राजनीति मतभेद जरुर हो सकता है लेकिन भाजपा ने उनके लिए आवाज उठाई और उस आवाज पर आज कोर्ट ने भी मोहर लगाई है – प्रवीण शंकर कपूर

दिल्ली भाजप की महामंत्री एवं पश्चिमी दिल्ली से सांसद कमलजीत सहरावत और मीडिया प्रमुख प्रमुख शंकर कपूर ने आज एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सांसद स्वाति मालिवाल के साथ मुख्यमंत्री आवास पर विभव कुमार द्वारा की गई बदसलूकी के मामले में की गई टिप्पणी का स्वागत किया है और कहा कि अब तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इशारा कर पूछा है की क्या आम आदमी पार्टी कोई गुंडो की पार्टी है।

कमलजीत सहरावत ने कहा कि यह काफी शर्मनाक है कि सुश्री स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री आवास पर अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में हुई बदसलूकी पर सर्वोच्च न्ययायल ने आम आदमी पार्टी और विभव कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए कई सवाल पूछे हैं।

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर सीएम आवास में गुंडे भी रहते हैं क्या क्योंकि विभव कुमार का बर्ताव किसी गुंडे की तरह का व्यवहार था।

कमलजीत सहरावत ने कहा कि कोर्ट ने साफ कहा है कि हम अमूमन जमानत पर रिहाई का आदेश दे देते हैं। हम हत्यारों और गंभीर अपराधियों तक को जमानत देते हैं लेकिन यहां मामला नैतिकता का है जिसमें एक जागरुक महिला पर हाथ उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने साफ कहा है कि विभव को एक महिला के ऊपर हाथ उठाते हुए शर्म नहीं आई। उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब अरविंद केजरीवाल इस पूरे मामले को जानकारी होने के बाद भी उन्हें अपने साथ राजनीति पर्यटन में मुंबई एवं पंजाब ले गये।

प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्लीवासियों को बार बार शर्मसार होना पड़ता है कभी मुख्यमंत्री के जेल जाने से, कभी मुख्यमंत्री द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के कारण तो कभी मुख्यमंत्री के आवास के अंदर ही महिला सांसद के साथ बदसलूकी के कारण। उन्होंने कहा कि भाजपा का सुश्री स्वाति मालीवाल से राजनीति मतभेद जरुर हो सकता है लेकिन भाजपा ने उनके अधिकार के लिए आवाज उठाई और उस आवाज पर आज कोर्ट ने भी मोहर लगा दी है।

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