दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीन दिवसीय मानसून सत्र की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “सत्र बेहद सफल रहा। विपक्ष की नेता की अनुपस्थिति के बावजूद 13 घंटे 19 मिनट की कार्यवाही में 19 कैग रिपोर्ट पेश की गईं और 4 महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए।”_
बता दे कि सत्र में नियम 280 के तहत कुल 52 जनहित के मामले* उठाए गए। सामान्यतः 10 सदस्यों की सीमा के बावजूद एक दिन में 23 सदस्यों को मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया। सदस्यों ने कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, पीडब्लूडी सड़कें और बिजली बिल जैसी नागरिक समस्याएं उठाईं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों पर दो दिवसीय अल्पकालिक चर्चा हुई। सदन ने दिल्ली लक्ष्मी योजना पर बधाई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। सदन में 4 महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए:
- दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान निरसन विधेयक, 2026
- नागरिकों को समयबद्ध सेवा का अधिकार विधेयक, 2026
- दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड संशोधन विधेयक, 2026
- दिल्ली अग्निशमन सेवा संशोधन विधेयक, 2026। अध्यक्ष ने बताया कि 19 कैग रिपोर्ट सदन में पेश कर संबंधित विभागों को कार्रवाई रिपोर्ट के लिए भेजी गई हैं। लोक लेखा समिति और कैग के प्रतिनिधि इसकी निगरानी करेंगे।
श्री गुप्ता ने कहा कि 7वीं विधानसभा ने 5 साल में 5 सत्र किए थे, जबकि 8वीं विधानसभा ने डेढ़ साल से कम में 6 सत्र पूरे किए हैं।
सदन में कुछ सदस्यों के अमर्यादित आचरण पर अध्यक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन आवश्यक है। उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें की वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में।




