दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा दिल्ली के बाहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क अवसंरचना और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित प्रमुख परियोजनाओं को लेकर आज दिल्ली सचिवालय स्थित कार्यालय में संबंधित विधायकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं परियोजनाओं के संबंध में जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।
बैठक में बवाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बवाना क्षेत्र से संबंधित सहायक जल निकासी नाले के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर एवं कंझावला से मंगोलपुरी तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कंझावला-मंगोलपुरी एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 11.70 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर का उद्देश्य पश्चिमी एवं उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम करना तथा आवागमन को अधिक सुगम बनानाh है।
श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि बवाना विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में गांव एवं ग्रामीण आबादी निवास करती है। इसलिए इस प्रकार की बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय स्थानीय गांवों और आबादी की कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर में गांवों एवं स्थानीय क्षेत्रों के लिए उचित प्रवेश-निकास व्यवस्था, आवश्यक कनेक्टिविटी, यातायात सुरक्षा तथा पैदल यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना का लाभ केवल मुख्य मार्ग से गुजरने वाले यातायात तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय निवासियों को भी बेहतर आवागमन सुविधा प्राप्त हो।
मंत्री ने यह भी कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के दौरान स्थानीय यातायात व्यवस्था और दैनिक आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण कार्य की चरणबद्ध योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए परियोजना की क्षमता और कनेक्टिविटी का समुचित आकलन किया जाना आवश्यक है।
मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने आगे कहा कि बवाना, कंझावला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की आवश्यकता रही है। ऐसे में इन परियोजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाना क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से डीपीआर के क्रियान्वयन के आगामी चरणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को अंतिम रूप दिए जाने का निर्देश दिया, ताकि इसका अधिकतम लाभ बवाना विधानसभा क्षेत्र की जनता सहित बाहरी दिल्ली के नागरिकों को मिल सके।








