संत रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना ही सच्ची समरसता का संकल्प: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026 : तालकटोरा स्टेडियम में आज संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान एवं पावन माटी कलश वितरण’ कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवेश कुमार राम, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह, दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री दुष्यंत गौतम आदि की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के चरणों में नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वाराणसी की पवित्र भूमि से प्रारंभ हुई समरसता संकल्प यात्रा आज दिल्ली पहुंची है और अब दिल्ली के सभी जिलों तक जाएगी। इस पहल के लिए उन्होंने आयोजक दल को शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और विजन के अनुरूप शुरू हुआ यह अभियान संत रविदास जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कामना की कि पवित्र कलश की रज दिल्ली के प्रत्येक घर और बस्ती तक पहुंचे और इसके माध्यम से संत रविदास जी का आशीर्वाद और उनकी शिक्षाएं हर व्यक्ति को मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पवित्र रज केवल मिट्टी नहीं, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, उनके जीवनभर किए गए सामाजिक कार्यों और मानवता के लिए दिए गए मार्गदर्शन का प्रतीक है। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान उनके विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता, सम्मान एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाओं का सार है कि समाज में न कोई छोटा है, न कोई बड़ा और प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर व सम्मान मिलना चाहिए। इन्हीं मूल्यों को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली सरकार भी इन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर विकास के कार्य कर रही है और प्रत्येक व्यक्ति के लिए समान अवसर व सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता और सम्मान की मजबूत भावना ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आधार बनेगी।

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