*भारतीय वनस्पतियों और भागलपुर सिल्क का मिलन: ‘क्राफ्टेड बार’ और खास कलेक्टिबल्स के ज़रिए कला, संस्कृति और डिज़ाइन का जश्न
रैडिको खेतान (Radico Khaitan) का ‘जैसलमेर क्राफ्टेड बार कलेक्टिबल’ (Jaisalmer Crafted Bar Collectible), डिज़ाइनर सामंत चौहान के साथ मिलकर भारतीय क्राफ्ट स्पिरिट्स और समकालीन फैशन की दुनिया को एक साथ ला रहा है। यह सहयोग ‘लैक्मे फैशन वीक x FDCI’ (Lakmē Fashion Week x FDCI) के दौरान हो रहा है, जो 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित किया जा रहा है। जैसलमेर यहाँ एक ‘क्राफ्टेड बार’ और खास कलेक्टिबल्स की एक सीरीज़ पेश करेगा, जो भारतीय कारीगरी और आधुनिक डिज़ाइन के संगम से प्रेरित है। इस सहयोग के मूल में यह साझा विश्वास है कि ‘क्राफ्ट’ (कला/कारीगरी) केवल एक तकनीक नहीं है; इसमें किसी जगह की यादें, उसे बनाने वालों का कौशल और उसे नए रूप में ढालने की संभावनाएँ समाहित होती हैं। जहाँ सामंत चौहान भागलपुर की सिल्क-बुनाई परंपराओं पर अपने व्यापक काम के लिए जाने जाते हैं—जिसमें वे इन परंपराओं को एक सदाबहार और आधुनिक रूप देते हैं—वहीं ‘जैसलमेर क्राफ्टेड बार कलेक्टिबल’ की जड़ें एक ऐसी कहानी से जुड़ी हैं, जो पूरे भारत से चुनी गई वनस्पतियों (botanicals) और पारंपरिक आसवन (distillation) विधि से बनी ‘जिन’ (gin) से शुरू होती है।
ये दोनों मिलकर वनस्पतियों और वस्त्रों, तथा ‘बार’ और ‘रनवे’ के बीच एक मिलन बिंदु तैयार करते हैं। सामंत चौहान भागलपुर सिल्क और इससे जुड़े बुनकर समुदायों के साथ अपने लंबे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। 2006 में अपना लेबल शुरू करने के बाद से, उन्होंने इस क्षेत्र की हथकरघा परंपराओं में नई संभावनाओं को तलाशा है और इसके टेक्सचर व कारीगरी को आधुनिक डिज़ाइन में ढाला है। जैसलमेर के साथ यह सहयोग इस चर्चा को कपड़ों से आगे ले जाता है। कलेक्टिबल्स और ‘क्राफ्टेड बार’ के अनुभव के ज़रिए, यह पता लगाया जाता है कि कैसे भारत की पारंपरिक कलाएँ, आज के आधुनिक लग्ज़री जीवन और वस्तुओं में एक नया रूप ले सकती हैं।
यह साझेदारी ‘जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन’ (Jaisalmer Indian Craft Gin) की अपनी ‘क्राफ्ट-आधारित’ पहचान को भी दर्शाती है। यह स्पिरिट 11 तरह की वनस्पतियों के मिश्रण से तैयार की जाती है, जिनमें से सात पूरे भारत से ली गई हैं—जैसे दार्जिलिंग की ग्रीन टी, लेमनग्रास और कबाब चीनी (cubeb pepper)। इसे ट्रिपल-डिस्टिल्ड न्यूट्रल ग्रेन स्पिरिट से तैयार किया जाता है और पारंपरिक कॉपर पॉट स्टिल्स में फिर से डिस्टिल किया जाता है।
लगभग 40 देशों में उपलब्ध, जैसलमेर भारतीय सामग्री और जिन बनाने के आधुनिक तरीके को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करता है।
रेडिको खेतान के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, कुणाल मदान ने कहा, “जैसलमेर में, हम भारतीय कारीगरी को समकालीन लग्जरी अनुभव तैयार करने के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखते हैं। सामंत चौहान के साथ हमारा सहयोग दो ऐसी दुनिया को एक साथ लाता है, जो बारीकियों, मूल स्रोत और हमारी रचनाओं के पीछे की कहानियों को गहराई से समझती हैं और उनका सम्मान करती हैं। इस तरह की पहलों के माध्यम से, हम यह तलाश रहे हैं कि कैसे जैसलमेर केवल एक उत्पाद से आगे बढ़कर उपभोक्ताओं से जुड़ सकता है, और भारत के समृद्ध सांस्कृतिक और रचनात्मक परिवेश के साथ एक सार्थक संबंध बना सकता है।”
सामंत चौहान ने कहा, “भागलपुर सिल्क एक जीवंत परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे बुनकर समुदायों के ज्ञान और कौशल ने जीवित रखा है। मेरे लिए, हमेशा से यही कोशिश रही है कि इस विरासत को आगे बढ़ाया जाए, लेकिन इसकी जड़ों को कभी न भुलाया जाए। जैसलमेर के साथ यह सहयोग, शिल्प और समकालीन डिजाइन का एक दिलचस्प संगम है, जो एक ऐसा नया संदर्भ तैयार करता है जिसमें भारतीय कारीगरी को महसूस किया जा सकता है और उसकी सराहना की जा सकती है।”
लैक्मे फैशन वीक x FDCI में, ‘जैसलमेर क्राफ्टेड बार’ मेहमानों को एक खास कॉकटेल अनुभव प्रदान करेगा, जबकि विशेष कलेक्टिबल्स इस सहयोग की डिजाइन शैली को जीवंत रूप देंगे। यह साझेदारी आज लग्जरी से जुड़ी व्यापक चर्चा के केंद्र में भारतीय शिल्प को स्थापित करती है—एक ऐसी चर्चा जो न केवल तैयार उत्पाद पर आधारित है, बल्कि इसके मूल स्रोत, निर्माण प्रक्रिया, सामग्री और उन लोगों पर भी केंद्रित है जो पारंपरिक कौशलों को आज भी जीवित रखे हुए हैं।











