दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (उत्तरी रेंज एवं एसटीएफ) की टीम ने, इंस्पेक्टर मनदीप और इंस्पेक्टर जयबीर के नेतृत्व तथा एसीपी (उत्तरी रेंज एवं एसटीएफ) श्री राहुल कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में, एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात नवीन डबास उर्फ जोरा गैंग के एक सक्रिय शूटर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान चिराग उर्फ सचिन (उम्र-22 वर्ष), पुत्र रमेश, निवासी तहसील व थाना खरखौदा, जिला सोनीपत, हरियाणा के रूप में हुई है। आरोपी चिराग उर्फ सचिन हरियाणा के झज्जर में एक मेडिकल स्टोर पर जबरन वसूली (रंगदारी) के उद्देश्य से की गई अंधाधुंध फायरिंग की वारदात में वांछित चल रहा था। पुलिस टीम ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से एक परिष्कृत स्वचालित पिस्टल (Sophisticated Semi-Automatic Pistol) और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
इस मामले के घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी चिराग उर्फ सचिन, अपने साथियों मोहित उर्फ चांद (पुत्र सतबीर) और जतिन (पुत्र राजेश), जो दोनों ही खरखौदा, जिला सोनीपत के निवासी हैं, के साथ मिलकर दुबई से गैंग संचालित कर रहे कुख्यात गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा के लगातार संपर्क में था। गैंगस्टर जोरा के सीधे निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, इन तीनों आरोपियों (चिराग उर्फ सचिन, मोहित उर्फ चांद और जतिन) ने बीते 05 मई 2026 को झज्जर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर जबरन वसूली के इरादे से दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की थी, जिसके तुरंत बाद दुबई से ही गैंगस्टर जोरा ने फोन पर मेडिकल स्टोर के मालिक को जान से मारने की धमकी दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के संबंध में हरियाणा के थाना सिटी झज्जर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1)/3(5) एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा अपराध संख्या 111/26, दिनांक 05.05.2026 पंजीकृत किया गया था।
गैंगस्टरों और जबरन वसूली के इस सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल/उत्तरी रेंज ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में, 12 मई 2026 को स्पेशल सेल को एक पुख्ता और सटीक सूचना प्राप्त हुई कि गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा का एक शूटर, जो झज्जर फायरिंग मामले में वांछित है, किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या छिपने के इरादे से अवैध हथियारों के साथ दिल्ली के रोहिणी इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया और रोहिणी क्षेत्र में जाल बिछाकर रणनीतिक छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी चिराग उर्फ सचिन को एक अत्यधिक परिष्कृत पिस्टल और चार जिंदा कारतूसों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। आरोपी को कानून के सुसंगत प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर आगे की गहन तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
पकड़े गए आरोपी चिराग उर्फ सचिन के प्रोफाइल और पूछताछ से खुलासा हुआ है कि वह हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना अंतर्गत अपने पैतृक गांव का रहने वाला है और उसने केवल कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से 2022 तक उसने खरखौदा के ही एक जनरल स्टोर पर मजदूरी का काम किया था, लेकिन बाद में वह अपने दोस्त मोहित उर्फ चांद के माध्यम से सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए दुबई में बैठे गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा के संपर्क में आ गया। इसके बाद उसने अपने साथियों मोहित उर्फ चांद और जतिन के साथ मिलकर झज्जर के मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, वारदात के बाद उसके दोनों साथियों (मोहित उर्फ चांद और जतिन) को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन चिराग लगातार फरार चल रहा था और जोरा के संपर्क में बना हुआ था। गैंगस्टर जोरा ने ही उसे गिरफ्तारी से बचने और अगले आदेशों का इंतजार करने के लिए दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया था, मगर इससे पहले कि वह दिल्ली में किसी नई वारदात को अंजाम दे पाता, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे मुस्तैदी से दबोच लिया और उसके पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल व चार कारतूस बरामद कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।











