नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की स्पेशल टीम ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अशोक विहार के अंतर्गत आने वाली पुलिस पोस्ट डब्ल्यूपीआईए (WPIA) की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर शराब तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक अर्टिगा कार बरामद की है।
यह पूरी कार्रवाई अशोक विहार के एसीपी आकाश रावत और एसएचओ प्रमोद कुमार के समग्र पर्यवेक्षण में पीपी डब्ल्यूपीआईए के प्रभारी उप-निरीक्षक रोहित चाहर के नेतृत्व में अंजाम दी गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय दिलदार (पुत्र शमशाद) के रूप में हुई है, जो कैराना, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वह पहले भी आबकारी अधिनियम के एक मामले में संलिप्त पाया गया है।
डिवाइडर से टकराई तस्कर की तेज रफ्तार कार
घटना 4 जून 2026 के तड़के सुबह लगभग 04:40 बजे की है। डब्ल्यूपीआईए चौकी के कांस्टेबल सौरभ अपनी टीम के साथ इलाके में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान बी-ब्लॉक स्थित यूनो मिंडा फैक्ट्री के पास उन्होंने एक हरियाणा नंबर की अर्टिगा कार (HR-51AR-6259) को बेहद तेज रफ्तार और संदिग्ध हालत में आते देखा। पुलिस स्टाफ ने जब कार को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। इसी आपाधापी में वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क के डिवाइडर से जा टकराई।
कार के अंदर छिपी थीं शराब की 54 पेटियां
कार के रुकते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चालक दिलदार को दबोच लिया। जब गाड़ी की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। कार के अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाई गई थी। पुलिस ने गाड़ी से कुल 54 पेटियां बरामद कीं, जिनमें ‘फॉर सेल इन हरियाणा ओनली’ (केवल हरियाणा में बिक्री के लिए) मार्का वाले कुल 2,700 क्वार्टर अवैध शराब भरी हुई थी। पुलिस ने तुरंत शराब की खेप और अर्टिगा कार को अपने कब्जे में ले लिया।
शॉर्टकट से अमीर बनने के लिए शुरू की तस्करी
पुलिस ने इस मामले में थाना अशोक विहार में आबकारी अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 202/26 दर्ज कर आरोपी दिलदार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह कम समय में मोटी कमाई करने और आसानी से पैसा कमाने के लालच में अवैध शराब की तस्करी और परिवहन के इस काले धंधे में उतरा था।
मुख्य सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-I (उत्तर-पश्चिम जिला) सिकंदर सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की यह इतनी बड़ी खेप दिल्ली में कहाँ सप्लाई होनी थी और इसका मुख्य सप्लायर कौन है। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य शराब माफियाओं और नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, ताकि क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के इस कारोबार को पूरी तरह नेस्तनाबूत किया जा सके।








