नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026: दिल्ली नगर निगम (MCD) के आयुक्त संजीव खिरवार ने मंगलवार को ओखला लैंडफिल साइट का औचक निरीक्षण किया और वहां चल रहे बायो-माइनिंग एवं कचरा निस्तारण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कचरे के निस्तारण की वर्तमान गति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बचे हुए कूड़े को जल्द से जल्द पूरी तरह से खत्म करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगम के प्रमुख अभियंता के. के. शर्मा सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
भारी वाहनों के लिए पक्का किया जाएगा प्रवेश मार्ग
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त संजीव खिरवार ने ओखला लैंडफिल साइट पर जमा हो रहे नए और पुराने कूड़े के निस्तारण में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर ही लैंडफिल साइट के मुख्य प्रवेश मार्ग को पक्का (मेटल/कंक्रीट) करने के आदेश दिए, ताकि मानसून या अन्य मौसमों में भारी ट्रकों और डंपरों का आवागमन बिना किसी रुकावट के सुगमता से हो सके।
अक्टूबर तक शुरू होगा 1400 टन क्षमता का नया कचरा संयंत्र
निगम आयुक्त ने बताया कि ओखला लैंडफिल साइट पर प्रतिदिन आने वाले ताजे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 1400 टन प्रतिदिन क्षमता वाले एक आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट (संयंत्र) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
- लक्ष्य: इस संयंत्र का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
- प्रभाव: प्लांट के चालू होने के बाद लैंडफिल साइट पर रोजाना आने वाले कचरे का तुरंत निस्तारण हो सकेगा, जिससे वहां दोबारा कचरे का पहाड़ बनने की गुंजाइश खत्म होगी।
C&D वेस्ट प्लांट का काम नवंबर 2026 तक पूरा करने का अल्टीमेटम
ओखला में निर्माणाधीन निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (Construction & Demolition – C&D Waste) प्रसंस्करण संयंत्र का जायजा लेते हुए आयुक्त ने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र का निर्माण कार्य हर हाल में नवंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाए ताकि राजधानी में मलबा और सीएंडडी वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो सके।










