‘विपक्ष पर हमले और अपमान को हंसकर सहने को तैयार’: इंडिया गठबंधन की बैठक में बोले राहुल गांधी

Listen to this article

नई दिल्ली: ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने सहयोगी दलों के सामने एक बेहद भावुक और रणनीतिक वक्तव्य दिया है। उन्होंने गठबंधन के भीतर कांग्रेस की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस का काम सभी दलों को प्यार और अपनेपन के साथ एकजुट रखना है। शैव परंपरा का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और मुझ पर जो भी आलोचना या टिप्पणियां की गई हैं, मैं भगवान शिव की तरह उस पूरे जहर को निगलने के लिए तैयार हूँ। विपक्ष की एकजुटता के लिए मैं हर अपमान को मुस्कुराकर सहने का वादा करता हूँ।”

बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस को अन्य राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए कहा कि यह पार्टी आधुनिक भारत के अस्तित्व में आने से पहले एक ‘प्रतिरोध आंदोलन’ (Resistance Movement) के रूप में शुरू हुई थी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के खिलाफ अपने वैचारिक संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता देश और संविधान की रक्षा के लिए सिर कटा सकता है, लेकिन आरएसएस की विचारधारा के सामने कभी नहीं झुकेगा।

‘पुरानी राजनीतिक तरकीबें अब काम नहीं आएंगी’

राहुल गांधी ने गठबंधन के साथी दलों (सपा, टीएमसी, राजद आदि) को आगाह करते हुए कहा कि वे इस भ्रम से बाहर निकलें कि पुराने राजनीतिक तरीके अब भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे तरीके तब तक कारगर थे जब तक सरकारी संस्थाएं निष्पक्ष थीं। आज भाजपा का कानूनी प्रणाली, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों और यहाँ तक कि चुनाव आयोग पर भी पूरा नियंत्रण है। उन्होंने टीएमसी और अन्य क्षेत्रीय दलों का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हो रहे हैं, वे असलियत से दूर हैं।

‘शत-प्रतिशत चुराए जा रहे हैं चुनाव, सोशल मीडिया भी निष्पक्ष नहीं’

ईवीएम और चुनावी धांधली का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने बड़ा दावा किया कि देश में शत-प्रतिशत चुनाव चुराए जा रहे हैं। उन्होंने सहयोगी नेताओं से कहा कि वे अपने मन से सारे संदेह दूर कर लें। उन्होंने सोशल मीडिया के निष्पक्ष होने के भ्रम को भी तोड़ा और कहा कि उनके यूट्यूब पर 1 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स होने के बावजूद उनके अकाउंट को पूरी तरह दबाया (Suppress) जाता है। पूरा मीडिया और सोशल मीडिया ढांचा इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए काम कर रहा है।

‘अब चुनाव जीतने की नहीं, चौबीसों घंटे प्रतिरोध (Resistance) की जरूरत’

गठबंधन का हौसला बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चुनौती अगला चुनाव जीतने की नहीं है, क्योंकि जनता में इस सरकार के खिलाफ इतना गुस्सा है कि अगला चुनाव विपक्ष पहले ही जीत चुका है। असली समस्या संस्थाओं पर कब्जे की है। इसलिए अब हमें ‘प्रतिरोध मोड’ (Mode of Resistance) में आना होगा। उन्होंने कहा, “प्रतिरोध का मतलब है- नीट (NEET) परीक्षा की गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाना, सीबीएसई (CBSE) के मुद्दों पर लड़ना और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की तरह जनता के बीच जाना। सुबह उठते ही हमें यह सोचना होगा कि हम अन्याय का प्रतिरोध कैसे करें।”

एकजुटता से भाजपा को हराना बेहद आसान: राहुल गांधी

अंत में, बैठक में मौजूद नेताओं के बीच छाई निराशा को दूर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले चुनाव (2024) में मेरे अलावा इस कमरे में किसी को विश्वास नहीं था कि हम भाजपा को टक्कर दे सकते हैं, लेकिन हमने कर दिखाया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे पर सार्वजनिक रूप से हमला करने से बचें। राहुल गांधी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि अगर हम सब मिलकर पूरी ताकत से प्रतिरोध करेंगे, तो चाहे वे जितनी भी धोखाधड़ी कर लें, राज्य दर राज्य भाजपा की सरकारें ताश के पत्तों की तरह ढह जाएंगी।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *