नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026: दिल्ली में आगामी ‘कांवड़ यात्रा-2026’ को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या, महंगाई और शिविरों के संचालन में आ रहे खर्च को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता (अनुदान राशि) में उल्लेखनीय वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बड़े कांवड़ शिविरों के लिए मिलने वाली सहायता राशि को ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया गया है।
इसके साथ ही, सरकार ने कांवड़ शिविरों के लिए 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखने का भी ऐलान किया है। इन सभी प्रस्तावों को मंगलवार को होने वाली दिल्ली कैबिनेट की बैठक में औपचारिक मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
शिविरों के आकार के हिसाब से बढ़ाई गई अनुदान राशि
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सभी श्रेणियों के शिविरों के लिए आर्थिक सहयोग में बढ़ोतरी की गई है:
- 20,000 वर्गफुट से अधिक (6 से 12 दिन): सहायता राशि ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख की गई।
- 20,000 वर्गफुट से अधिक (3 से 5 दिन): सहायता ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹9 लाख की गई।
- 15,001 से 20,000 वर्गफुट: 3 से 5 दिन के लिए ₹8 लाख तथा 6 से 12 दिन के लिए ₹9 लाख मिलेंगे।
- 10,001 से 15,000 वर्गफुट: अवधि के अनुसार ₹6 लाख और ₹8 लाख की सहायता मिलेगी।
- 5,001 से 10,000 वर्गफुट: अनुदान राशि बढ़ाकर क्रमशः ₹3 लाख और ₹5 लाख की गई।
- 5,000 वर्गफुट तक (छोटे शिविर): अवधि के अनुसार अनुदान ₹2 लाख और ₹3 लाख कर दिया गया है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए संवेदनशील निर्णय
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली में कांवड़ यात्रा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में जहां दिल्ली में 170 कांवड़ शिविर लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 308 तक पहुंच गई। इसी बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि कांवड़ समितियां शिवभक्तों को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए BSES और TPDDL को समय पर कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शी व्यवस्था: DBT और जियो-टैगिंग के जरिए मिलेगा फंड
अनुदान की प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सीधे संबंधित जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के जरिए फंड जारी करने की व्यवस्था बनाई है।
- सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे समितियों के बैंक खातों में दो किस्तों में भेजी जाएगी।
- 50% अग्रिम राशि यात्रा शुरू होने से पहले और शेष 50% राशि यात्रा पूरी होने व सत्यापन के बाद मिलेगी।
- पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम (SDM) और तहसीलदार शिविरों का निरीक्षण करेंगे और जियो-टैग (Geo-Tagged) फोटो व सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम भुगतान जारी होगा।
सभी विभाग मिलकर संभालेंगे व्यवस्थाएं; सिंगल विंडो सिस्टम लागू
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभाग मिलकर काम करेंगे:
- MCD: स्वच्छता, कूड़ा उठान और फॉगिंग की व्यवस्था संभालेगा।
- स्वास्थ्य विभाग और CATS: 24 घंटे डॉक्टर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और दवाइयां तैनात रखेंगे।
- जल बोर्ड व DUSIB: स्वच्छ पेयजल के टैंकर और मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराएंगे।
- दिल्ली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस: सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक रूट डायवर्जन की व्यवस्था संभालेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता बढ़ाना नहीं, बल्कि शिवभक्तों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम वातावरण देना है ताकि वे अपनी धार्मिक यात्रा निष्विघ्न पूरी कर सकें।






