दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में राहत और बचाव कार्य देर रात तक चला। विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से मलबे में दबे कई लोगों को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार कुल 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी भी उपचाराधीन हैं, जिनमें 3 की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मित्तल ने एमसीडी और संबंधित विभागों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में कई इमारतें जर्जर हालत में हैं और बिना नक्शे के अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है।
मित्तल ने मांग की कि इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों व बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।






