- बच्चों के भरण पोषण के लिए केजरीवाल सरकार की पेंशन बनी सहारा
- ₹1 करोड़ की सम्मान राशि से परिवार को मिलेगी बड़ी राहत
-यह नया साल हम सभी के लिए साहस, समर्थन, और सामरिक साझेदारी को बढ़ावा देगा- राज कुमार आनंद
-दिल्ली सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान जनसेवा करते हुए जान गंवाने वाले परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करती है- राज कुमार आनंद
- 41 वर्षीय प्रदीप कुमार ने मानवता की सेवा करते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके लिए पूरे देश को उन पर गर्व है- राज कुमार आनंद
-भविष्य में हर संभव मदद के लिए दिल्ली सरकार सदैव आपके साथ है : राज कुमार आनंद
- 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को IAS बनने के लिए प्रेरित किया
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने सोमवार को कोरोना महामारी के समय लोगों का इलाज करते हुए जान गंवाने वाले कोरोना योद्धा प्रदीप कुमार के परिवार से मुलाकात की और उन्हें केजरीवाल सरकार की ओर से मिलने वाली एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि का चेक सौंपा। समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि कोरोना वॉरियर मिस्टर प्रदीप कुमार दिल्ली के स्वास्थ विभाग में माजरा डबास की डिस्पेंसरी में कार्यरत थे, जनसेवा करते हुए वह कोरोना से संक्रमित हो गए और उनका निधन हो गया। इस दौरान पटेल नगर से पूर्व विधायक श्रीमती वीणा आनंद, एडीएम नॉर्थ वेस्ट, एसडीएम कंझावला वा अन्य अधिकारियों के साथ ही गांव के अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने उन्हें भविष्य में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भले ही अनुग्रह राशि से उनके परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस आर्थिक मदद से परिवार के सदस्यों को अपना जीवन बेहतर बनाने में कुछ मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री राज कुमार आनंद ने कहा कि दिवंगत मिस्टर प्रदीप कुमार ने मानवता की सेवा करते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके लिए पूरे देश को उन पर गर्व है। स्वर्गीय प्रदीप कुमार की उम्र महज़ 41 वर्ष थी और वह दिल्ली के स्वास्थ्य
विभाग में बतौर नर्सिंग ऑर्डरली के तौर पर कार्यरत थे। उन्होंने कोरोना महामारी के समय समर्पित होकर रोगियों की सेवा की। इस दौरान वह कोरोना की दूसरी लहर में खुद भी कोरोनो वायरस की चपेट में आ गए थे। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वह कोरोना के खिलाफ जिंदगी की जंग हार गए और 26 मई 2021 को उनका निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी माताजी, पत्नी, एक बेटा और बेटी रह गए हैं, जिनका भरण पोषण केजरीवाल सरकार द्वारा पेंशन के रूप में दी जा रही सहायता राशि से हो रहा है।
यूं तो कोई भी रकम जान की भरपाई नहीं कर सकती लेकिन यह सम्मान राशि से बच्चों के जीवन के निर्णायक मोड़ पर सहारा बनने का काम करेगी। यह नया साल हम सभी के लिए साहस, समर्थन, और सामरिक साझेदारी का आरंभ है।









