*शिक्षा मंत्री के अनुमति के बिना ही शिक्षा निदेशालय द्वारा एक स्कूल में 10 साल से ज़्यादा समय से तैनात शिक्षकों के अनिवार्य ट्रांसफ़र के लिए ऑर्डर जारी किया था
*द्वारा जारी इस ऑर्डर से शिक्षकों में रोष; शिक्षकों के प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री आतिशी को ज्ञापन सौंपा
*शिक्षकों की माँग पर मंत्री आतिशी ने शिक्षा सचिव को तत्काल इस आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए, कहा- ये शिक्षकों के मनोबल को तोड़ने वाला ऑर्डर
*एक टीचर और उसके स्टूडेंट के बीच का अनोखा रिश्ता होता है जो कई सालों के विश्वास से बनता है; ऐसे में इस प्रकार के ट्रांसफ़र ऑर्डर शिक्षा व्यवस्था के लिए हानिकारक
*किसी भी टीचर का सिर्फ़ इसलिए ट्रांसफ़र नहीं किया जाए क्योंकि वो किसी विशेष स्कूल में 10 साल से अधिक से काम कर रहे है-शिक्षा मंत्री आतिशी
*शिक्षा सचिव सुनिश्चित करें, भविष्य में मिनिस्टर इंचार्ज की अनुमति के बिना न लिए जाए ऐसा कोई निर्णय-शिक्षा मंत्री आतिशी
शिक्षा मंत्री आतिशी ने शिक्षा सचिव को 10 साल से एक ही स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के लिए जारी अनिवार्य ऑनलाइन ट्रांसफ़र ऑर्डर को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए है। शिक्षा मंत्री के अनुमति के बिना ही शिक्षा निदेशालय द्वारा हाल ही में एक स्कूल में 10 साल से ज़्यादा समय से तैनात शिक्षकों के अनिवार्य ट्रांसफ़र के लिए सर्कुलर जारी किया था। इसके तहत एक ही स्कूल में 10 साल से अधिक समय तक काम करने वाले सभी शिक्षकों को ट्रांसफ़र के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करने का निर्देश दिया गया था और ऐसा न करने पर उन्हें शिक्षा निदेशालय द्वारा किसी भी स्कूल में ट्रांसफ़र कर दिया जाएगा।
विभाग द्वारा जारी इस इस सर्कुलर से शिक्षकों में काफ़ी रोष है। इस बाबत शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने सोमवार को शिक्षा मंत्री आतिशी से मुलाक़ात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इस बाबत शिक्षा मंत्री ने साझा करते हुए कहा कि, एक टीचर और उसके स्टूडेंट के बीच का अनोखा रिश्ता होता है जो कई सालों के विश्वास से बनता है। ऐसे में सिर्फ़ एक संकीर्ण एडमिनिस्ट्रेटिव पहलू ही टीचर्स के एक स्कूल से दूसरे स्कूल में ट्रांसफ़र का कारण नहीं बन सकता है।
बता दे कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 में भी शिक्षकों और छात्रों के बीच के संबंध को और बेहतर बनाने और बेहतर शैक्षिक वातावरण के लिए अत्यधिक स्थानांतरण के हानिकारक प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कही गई है।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में शिक्षा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। पिछले कुछ वर्षों में हमने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि, टीचर किसी भी स्कूली सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और दिल्ली सरकार का प्रयास है कि, टीचर्स की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए लगातार काम करना चाहिए और कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुँचे।
ऐसे में इस तरह का निर्णय, जहां एक एडमिनिस्ट्रेटिव आदेश के तहत एक झटके में ही एक स्कूल में 10 साल पूरे कर चुके सभी टीचर्स को ट्रांसफ़र करने की बात की गई है, उसे तुरंत वापस लिया जाए।
शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस बाबत शिक्षा सचिव को कड़े शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि, इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए और किसी भी टीचर का सिर्फ़ इसलिए ट्रांसफ़र नहीं किया जाए क्योंकि वो किसी विशेष स्कूल में 10 साल से अधिक से काम कर रहे हो।
साथ ही उन्होंने ये भी सुनिश्चित करने के आदेश दिए कि,
भविष्य में दिल्ली सरकार के स्कूलों में किसी शिक्षक के मनोबल या कामकाजी स्थिति को प्रभावित करने वाला इस प्रकार का कोई भी निर्णय बिना उनकी सहमति के न लिया जाए। और अगले 7 दिनों के भीतर इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपी जाए।












