नई दिल्ली | वर्ल्ड इकोनॉमिक मोबिलिटी लिमिटेड(डब्लूईएमएल) कल अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर परदिल्ली-एनसीआर में अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म ‘नेमभारत’( NEMBHARAT) को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे देशके पहले बड़े पैमाने के जीरो सब्सक्रिप्शन और जीरो कमीशन मोबिलिटीप्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया जा रहा है। कंपनी ने इस लॉन्च के लिएजानबूझकर 1 मई यानी श्रमिक दिवस का चयन किया है ताकि ड्राइवरकल्याण को अपने व्यावसायिक मॉडल के केंद्र में रखने के संकल्प कोदोहराया जा सके। नेमभारत के इस अनूठे ढांचे के तहत ड्राइवर अपनी हरयात्रा के किराए का शत-प्रतिशत हिस्सा खुद रखेंगे और यह कोई सीमितसमय का प्रोत्साहन नहीं बल्कि एक स्थायी व्यवस्था है जिसे भारतीयराइड-हैलिंग क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त असंतुलन को दूर करने के लिएबनाया गया है।
ऐसे समय में जब ऐप-आधारित ड्राइवर लगातार भारी कमीशन और बढ़तीपरिचालन लागत को लेकर चिंता जता रहे हैं, नेमभारत का दृष्टिकोण इनसमस्याओं का मूल समाधान खोजने का प्रयास करता है। कंपनी का तर्कहै कि एक आर्थिक रूप से स्थिर और संतुष्ट ड्राइवर न केवल अधिकविश्वसनीय और सुरक्षित सेवा प्रदान करेगा, बल्कि इससे यात्रियों केअनुभव में भी सीधा सुधार होगा। डब्लूईएमएल के निदेशक और सीईओदीपक के. शाह का कहना है कि यह मोबिलिटी ईकोसिस्टम में कमाई केवितरण को लेकर एक बड़ा संरचनात्मक सुधार है क्योंकि जब ड्राइवरों कीआय सुरक्षित होती है, तो सेवा की गुणवत्ता खुद-ब-खुद बेहतर हो जाती हैजिसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलता है।
यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों और यात्रियों को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यमसे जोड़ने के साथ-साथ एक ऐसे दर्शन पर काम करता है जहां ड्राइवर काहित और यात्री का भरोसा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। डब्लूईएमएल कामानना है कि ड्राइवर कल्याण और यात्री सुरक्षा के बीच का यह लिंकमहज इत्तेफाक नहीं बल्कि उनके मॉडल का मुख्य हिस्सा है, जो बाजार मेंकीमत आधारित प्रतिस्पर्धा के बजाय अनुभव आधारित सफर पर ध्यानकेंद्रित करता है। कल होने वाले इस लॉन्च के साथ ही नेमभारत एकमजबूत सुरक्षा ढांचा भी पेश कर रहा है जिसमें अनिवार्य केवाईसीसत्यापन, एसओएस कार्यक्षमता और एक व्यवस्थित घटना प्रतिक्रिया तंत्रशामिल है। इसके अलावा कंपनी शहरी यात्रियों के लिए प्रशिक्षितड्राइवरों के साथ एक प्रीमियम श्रेणी भी शुरू कर रही है।
भारत का विकसित भारत 2047 का सपना इस बात पर निर्भर करेगा किहम कितनी सुरक्षित, टिकाऊ और आत्मनिर्भर तरीके से आगे बढ़ते हैं।अब मोबिलिटी सिर्फ एक सेवा नहीं रही, बल्कि देश की प्रगति का एकमहत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।
CCV (Connected, Clean and Value) पर आधारित मोबिलिटीयह सुनिश्चित करती है कि विकास सबके लिए हो, पारदर्शी हो औरनागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। साथ ही, आयातित ईंधन परनिर्भरता कम करने से देश की आर्थिक मजबूती बढ़ती है। एक भविष्यके लिए तैयार भारत वही होगा, जहाँ मोबिलिटी हर नागरिक को सशक्तबनाए और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करे – अभिजीतसिन्हा, प्रोग्राम डायरेक्टर, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EoDB) औरनेशनल हाईवे फ़ॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (NHEV)
भारत की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी और साल 2029 तक इसके 2.3 करोड़ से अधिक होने के अनुमानों के बीच नेमभारत ने खुद को एकपारदर्शी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश किया है। कंपनी की मुख्यपरिचालन अधिकारी कांची शर्मा के अनुसार नेमभारत का उद्देश्य केवलएक नई सेवा शुरू करना नहीं बल्कि यह साबित करना है कि ड्राइवरों केलिए एक निष्पक्ष प्रणाली ही यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव की नींवरखती है। दिल्ली-एनसीआर से शुरू हो रही यह सेवा कंपनी के उसविस्तार का पहला चरण है जिसके तहत आने वाले समय में देश के अन्यबड़े शहरों में भी इस मॉडल को ले जाया जाएगा। नारायणीहिति ट्रस्ट द्वाराशासित और डब्लूईएमएल द्वारा संचालित नेमभारत (नेशनल इकोनॉमिकएंड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी) का लक्ष्य पारंपरिक कमीशन मॉडल कोबदलकर एक ऐसा तंत्र बनाना है जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर और पारदर्शीहो।



