भगवान झूलेलाल की पूजा अर्चना के 40 दिनों का विशेष महत्व होता है। इस 40 दिन के विशेष महोत्सव के दौरान सिंधी समाज द्वारा चालीहा महोत्सव को धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान झूलेलाल सभी की मनोकामना पूरी करते हैं। सिंधी समाज के लिए चालीहा महोत्सव बेहद ख़ास होता है। इसलिए इस 40 दिन के विशेष महोत्सव को मनाते हैं। सिंधु समाज दिल्ली के महासचिव नरेश बेलानी द्वारा प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सिंधी समाज के ईस्ट देवता भगवान झूलेलाल का चालिहा कार्यक्रम को सिंधु समाज राजेंद्र नगर दिल्ली में 16 जुलाई 2024 से 25 अगस्त 2024 तक शाम 7 बजे से रात 8 बजे पल्लव आरती तक बड़ीधूम से मनाया जाएगा। सिंधु समाज दिल्ली के महासचिव नरेश बेलानी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया सिंधी समाज के ईस्ट देवता भगवान झूलेलाल का चालिहा कार्यक्रम को सिंधु समाज राजेंद्र नगर दिल्ली में 16 जुलाई 2024 से 25 अगस्त 2024 तक शाम 7 बजे से रात 8 बजे पल्लव आरती तक धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री बेलानी चालिहा कार्यक्रम के दौरान होने वाले मुख्य कार्यक्रम के बारे में बताया 15 अगस्त को सुबह स्वतंत्र दिवस मनाया जाएगा, 22 अगस्त को टीजड़ी मतलब करवा चौथ मनाया जाएगा। जिसमें पत्नी अपने पति की आयु के लिए सजधज कर पूजा करेंगी, 24 अगस्त 2024 को भगवान झूलेलाल की नए पुराने राजेंद्र नगर, पटेल नगर, इत्यादि क्षेत्र से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इस शोभा यात्रा को क्षेत्र में कई जगह सिंधी व् गैर सिंधी लोग और संस्थाएं भव्य स्वागत करेगी। 25 अगस्त 2024 को थदड़ी का कार्यक्रम होगा जिसमें शीतला माता की पूजा करी जाएगी। रात को बेहराणा साहिब का यमुना नदी पर विसर्जन करने जाएंगे। तथा चालिहा कार्यक्रम के बाद 26 अगस्त को जन्ममास्टमी के अवसर पर धूमधाम के साथ जन्ममास्टमी मनाने का कार्यक्रम रहेगा। आइए देखते हैं हमारे वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में ।
बताया जाता है कि सिंधी समाज के लिए बेहराणा साहिब का विशेष महत्व होता है यमुना नदी पर विसर्जन करने पर यमुना नदी के पर्यावरण का विशेष ध्यान रखते हुए कोई मूर्ति नहीं बनाते हैं। इस कारण पर्यावरण पर कोई असर नहीं होता है। चालिहा के पहले दिन अखंड ज्योत जलाते हैं जो लगातार चालिहा के समापन तक जलता है। उस ज्योत के साथ मछली के खाने योग्य सामग्री जैसे आटा, फल, इत्यादि के साथ यमुना नदी पर विसर्जन करने जाते है। इसलिए विसर्जन पर पर्यावरण का कोई असर नहीं रहता। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना के विशेष रिपोर्ट।


