जनता से सीधा संवाद के लिए मनीष सिसोदिया की दिल्ली में पहली पदयात्रा शुरू

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  • जेल से आकर सीधे जनता के बीच पहुंचे शिक्षा क्रांति के जनक मनीष सिसोदिया, ग्रेटर कैलाश से शुरू किए पदयात्रा
  • अपने प्रिय मनीष सिसोदिया को खुद के बीच पाकर जनता के खिले चेहरे, ‘चाचा मनीष’ से मिलकर बच्चों में हुआ ऊर्जा का संचार
  • अपने भाई मनीष सिसोदिया को देखकर महिलाओं का छलका दर्द, लोगों ने गले लगाकर उनका किया स्वागत
  • दिल्ली की जनता बोली, आपने शानदार स्कूल बनाकर हमारे बच्चों का भविष्य संवारा है, हम आपके साथ हैं
  • आज मैं अपने परिवार के बीच में आया हूं, दिल्लीवालों को मेरी और मुझे अपनी जनता की फ़िक्र थी – मनीष सिसोदिया
  • दिल्लीवालों को अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की काफी चिंता है और उन्हें जेल से बाहर लाने के लिए दुआएं कर रहे हैं- मनीष सिसोदिया
  • जनता का कहना है कि सरकार अच्छा काम कर रही है और जब सीएम केजरीवाल बाहर आ जाएंगे, तब और भी अच्छे से काम करेगी- मनीष सिसोदिया
  • दिल्ली की सभी विधानसभा में पदयात्रा करूंगा और वहां की जनता से मिलकर अपनी बात रखूंगा – मनीष सिसोदिया
  • दिल्ली की जनता चिंता न करे, जल्द ही केजरीवाल भी बाहर होंगे और फिर से बहुत अच्छे से सारे काम शुरू होंगे – मनीष सिसोदिया
  • मनीष सिसोदिया से मिलने लोग अपने बच्चों के साथ आए, बच्चों ने फूल भेंट की, किसी के लिए इतना प्यार बहुत कम ही देखा जाता है- सौरभ भारद्वाज
  • पूरा केस झूठा और राजनीतिक है, मनीष सिसोदिया के बाद अब जल्द ही सीएम अरविंद केजरीवाल भी बाहर आ जाएंगे- सौरभ भारद्वाज

शिक्षा क्रांति के जनक दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की पदयात्रा का शुक्रवार शाम आगाज हो गया। एक साजिश के तहत जेल में बंद सिसोदिया 17 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने बाद बीते 9 अगस्त को बाहर आए और सीधे जनता के बीच पहुंच कर उनका हाल जाना। दिल्ली की सभी विधानसभाओं से गुजरने वाली पदयात्रा की शुरूआत कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज के निर्वाचन क्षेत्र ग्रेटर कैलाश से हुई। पदयात्रा के पहले दिन मनीष सिसोदिया ग्रेटर कैलाश के अलकनंदा मार्केट पहुंचे, जहां लोगों ने उनका जबरदस्त स्वागत किया। इस दौरान अपने प्रिय मनीष सिसोदिया को खुद के बीच पाकर जनता के चेहरे खिल उठे और बच्चों में ‘चाचा मनीष’ से मिलकर ऊर्जा का संचार हुआ। बच्चों द्वारा हाथ से लिखे ‘वेलकम बैक मनीष सिसोदिया सर’ का पोस्टर पाकर मनीष सिसोदिया अभिभूत हो गए और सिर पर हाथ रखकर उनको आशीर्वाद दिया। वहीं, अपने भाई मनीष सिसोदिया को देखकर महिलाओं का दर्द भी छलक उठा और उन्होंने राखी बांध कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान लोगों ने ‘आएंगे-आएंगे, केजरीवाल जी आएंगे’ के जमकर नारे लगाए।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार शाम करीब 7 बजे से ग्रेटर कैलाश विधानसभा से दिल्ली अपनी पदयात्रा का आगाज किया। इस दौरान ग्रेटर कैलाश के विधायक सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह, और रीना गुप्ता समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की तस्वीर भेंट की। इसके बाद मनीष सिसोदिया, सभी विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली की जनता से मिलने के लिए पदयात्रा पर निकल पड़े।

इस दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोगों के बीच में आकर मुझे काफी अच्छा लग रहा है। लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग वेलकम बैक कह रहे हैं। लोग बता रहे हैं कि वो मेरे स्वास्थ्य के लिए बड़ी प्रार्थनाएं कर रहे थे। ये अपनापन आम तौर पर राजनीति में देखने को नहीं मिलता है। यह केवल परिवारों में देखने को मिलता है। इससे लगता है कि पूरा दिल्ली अपना परिवार है। लोग यह भी कह रहे हैं कि वो अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य और उनकी जल्द रिहाई के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। यह सारे षड़यंत्र जल्द ही खत्म होंगे और केजरीवाल भी जल्द बाहर आएंगे। लोग मेरे बाहर आने पर बहुत खुश हैं, उनमें काफी उत्साह है। लोग यह भी बता रहे हैं कि दिल्ली सरकार अच्छा काम कर रही है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं 17 महीने तक जेल में रहा। पूरी दिल्ली मेरा परिवार है। मेरा ये परिवार बाहर था। आज जब मैं परिवार के बीच आया हूं तो लोग बड़े प्यार से स्वागत कर रहे हैं और मिल रहे हैं। सब जानना चाह रहे हैं कि मैं इतने दिनों जेल में कैसे रहा। सबने मेरे लिए बड़ी प्रार्थनाएं की हैं। केजरीवाल जी भी जल्द बाहर आएंगे।

ग्रेंटर कैलाश में दिल्ली की जनता से संवाद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से संजय सिंह और मेरी रिहाई के साथ हमने इस लड़ाई के दो पड़ाव पार किए। अरविंद केजरीवाल के बाहर आते ही हम इस लड़ाई का बड़ा पड़ाव पार कर लेंगे। अब इनकी जेलें इतनी मजबूत नहीं रह गई हैं कि ये हम सबको वहां झेल सकें। इन्होंने हमें खूब डराने की कोशिश की, लेकिन हममे से कोई इनसे नहीं डरा। इन्होंने मुझे 17 महीने तक जेल में रख कर देख लिया। अरविंद केजरीवाल ने बीड़ा उठाया है कि इस देश के हर बच्चे को सरकार स्कूल में अच्छी शिक्षा मिले और प्राइवेट स्कूलों की फीस कम हो। यह काम चलता रहेगा। अस्पताल ठीक होंगे, लोगों को अच्छा इलाज मिलेगा। दिल्ली और पंजाब में बिजली के बिल जीरो हुए, अब ये पूरे देश में हो कर रहेगा इसे कोई रोक नहीं सकता। केजरीवाल ने सच्चाई और बदलाव की लड़ाई का जो बीड़ा उठाया है, हम उस पर चलते रहेंगे।

मनीष सिसोदिया ने कार्यकर्ताओं से कहा कि मैंने 17 महीने जेल में रहकर आपको देखा । आप लोग अलग-अलग जगहों पर धरना करते थे। आप लोगों को खूब डराया गया है। इस बार मैं खुद आप लोगों के बीच आ गया। इन लोगों की पूरी साजिश थी कि दिल्ली के चुनाव से पहले किसी भी तरह मुझे और अरविंद केजरीवाल को जेल से बाहर न आने दें। लेकिन यह आपके प्यार और तपस्या की ताकत है कि मुझे आपके पास खींच लाई। इसी तरह लोगों की प्यार और आशीर्वाद केजरीवाल को भी खींचकर बाहर लाएगा। अब मैं आपके बीच हूं, आप जहां कहोगे, मैं आपके साथ चलूंगा।

वहीं, मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि पदयात्रा के दौरान एक बहन ने मुझे राखी बांधी। यह मेरे लिए बहुत ही भावुक पल था। मैं 17 महीनों तक इन लोगों से दूर रहा, लेकिन इनके प्यार में जरा भी कमी नहीं आई। आपके प्यार और दुआओं के लिए धन्यवाद बहन। आप जैसी बहनों का प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त हैं।

मनीष सिसोदिया को जनता का जितना प्यार मिला, वो अकल्पनीय है- सौरभ भारद्वाज

उधर, ग्रेटर कैलाश से ‘‘आप’’ विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मनीष सिसोदिया को जनता से मिले अकल्पनीय प्यार पर कहा कि जनता की मांग थी कि वो मनीष सिसोदिया से रूबरू होना चाहते हैं, मिलना चाहते हैं और उनका हालचाल पूछना चाहते हैं। लोग अपने बच्चों को साथ लेकर आ रहे हैं। अन्य जगहों पर इस तरह लोगों को अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंचते हुए नहीं देखा जाता है। बच्चों ने मनीष सिसोदिया को फूल व गुलदस्ता भेंट की, माला पहचाया। मुझे लगता है कि राजनीति में एक व्यक्ति को इससे ज्यादा प्यार नहीं मिल सकता है। जनता का यह प्यार दिखा रहा है कि लोग जानते हैं कि एक-एक मामला पूरी तरह से झूठा और राजनीतिक है। मनीष सिसोदिया को झूठे केस में 17 महीने तक जेल में बंद रखा गया। आज मनीष सिसोदिया बाहर आ गए हैं और अगले कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बाहर आ जाएंगे।

पदयात्रा में उमड़ी भीड़, लोगों ने ली सेल्फी

17 महीने बाद जेल से बाहर आए मनीष सिसोदिया से मिलने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने उनके स्वागत में पुष्पवर्षा की और फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सिसोदिया ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवाद स्वीकार किया। इस दौरान कई लोगों ने कहा कि दिल्ली के शिक्षा क्रांति जनक को देखकर काफी अच्छा लग रहा है। सिसोदिया को अपने बीच देखकर लोगों काफी उत्साहित दिखे। कई युवा, महिलाएं और समर्थक अपने प्रिय नेता के साथ तस्वीरें खिंचवाई। कई लोग सिसोदिया की पद यात्रा मे शामिल हुए और उनके साथ चले।

बच्चों में पूर्व शिक्षा मंत्री से मिलने को लेकर रहा उत्साह

पूर्व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया से कई बच्चे मिलने पहुंचे। दिल्ली के सरकार स्कूलों मे पढ़ने वाले कई बच्चों ने सिसोदिया से मिलकर बच्चों ने बताया कि हम आपके सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। इस दौरान कई बच्चों ने अपने फेवरेट मनीष अंकल को गुलाब का फूल दिया और हाथ से बनाए ‘वेलकम बैक मनीष सिसोदिया सर’ के पोस्टर से उन्हें भेट की। सिसोदिया ने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया।

मनीष सिसोदिया ने लोगों का हाल जाना और फीडबैक भी लिया

मनीष सिसोदिया ने पदयात्रा के दौरान दुकानदारों-रेहड़ी पटरीवालों, महिलाओं और आम लोगों से हाथ मिलाकर उनका हालचाल पूछा। उन्होंने उनसे दिल्ली सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया। मनीष सिसोदिया ने कई लोगों को गले गलाया। उन्होंन कई लोगों को गले भी लगाया।

महिलाओं ने कहा, आपने हमारे बच्चों का भविष्य संवारा

दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाली कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ सिसोदिया से मिलने पहुंची उन्हें कहा कि हमारा प्यार और हमारी शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ है कि आप हमेशा स्वस्थ रहें, खुश रहे और हमेशा आगे बढ़ते रहें। एक महिला ने कहा कि आपने दिल्ली के स्कूलों के लिए बहुत अच्छा काम किया है। आपने शानदार स्कूल बनाकर हमारे बच्चों का भविष्य संवारा है, हम आपके साथ हैं।

मनीष सिसोदिया से मिलकर भावुक हुई महिला

इस दौरान एक महिला सिसोदिया से मिलकर भावुक हो गई। महिला ने कहा कि आपने हमारे परिवार के लिए बहुत कुछ किया है, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं। हम आपके लिए बहुत खुश हैं। जिसपर सिसोदिया ने कहा कि आप सब मेरा परिवार हैं। सिसोदिया से बात करते हुए महिला के आंखों से आंसू बहने लगे। उसने मनीष सिसोदिया के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

बुजुर्ग ने आइसक्रीम खिला कहा- बेटा वनवास खत्म हो गया

पदयात्रा के दौरान मनीष सिसोदिया एक आइसक्रीम की दुकान के सामने पहुंचे। यहां बुजुर्ग दुकानदार अपने आप को नहीं रोक पाया और मनीष सिसोदिया को गले लगा लिया। दुकानदार के अनुरोध पर सिसोदिया दुकान के अंदर गए और सौरभ भारद्वाज के साथ आइसक्रीम खाए। इस दौरान बुजुर्ग कहा कि बेटा आपका वनवास खत्म हो गया। साथ ही लोगों ने सिसोदिया को फूल-माला पहनाकर स्वागत भी किया।

महिलाओं ने अपने भाई सिसोदिया को बांधी राखी

पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने अपने भाई मनीष सिसोदिया को राखी बांधी। उन्होंने मनीष सिसोदिया को लंबी उम्र की दुआएं देते हुए कहा कि ईश्वर आपकी हर मनोकामना पूरी करे, आपको स्वस्थ रखे, आप दिल्ली और देश के बच्चों के लिए इतना करें कि हम सब आपको सदियों तक याद रखें। महिलाओं ने सिसोदिया को फूल माला पहला कर खुशी से उल्लास में नारे लगाए।

बुजुर्गों ने सिसोदिया को लंबी उम्र का दिया आशीर्वाद

मनीष सिसोदिया ने पद यात्रा में पहुंचे कई बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि सूरज की किरण रौशनी दे आपको, फूल की हर कली खुश्बू दे आपको, हम आपको क्या देने के काबिल हैं? देने वाले आपको हमारी उमर दे। सिसोदिया ने सिर छुकाकर उन्हें नमन किया।

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