*अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कई किलोमीटर लंबे स्ट्रेच से अतिक्रमण हटाया गया
*दिल्ली नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं के ख़िलाफ़ कड़ी कारवाई, 50 से अधिक पशुओं को पकड़ा
दिल्ली नगर निगम द्वारा विभिन्न जोनों में अतिक्रमण के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया है। इस दौरान फुटपाथों, सरकारी स्थलों और सड़कों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया।
दिल्ली नगर निगम के सिटी एसपी जोन द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध रूप से लगी करीब 550 रेहड़ी पटरियों को हटाया गया। सिटी एसपी जोन द्वारा पीली कोठी, पुल मिठाई और चांदनी चौक के आसपास के क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। सिटी एसपी जोन की टीम द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 5 किलोमीटर स्ट्रैच को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और इस दौरान करीब 300 सामान जब्त किए गए।
वहीं, शाहदरा उत्तरी क्षेत्र द्वारा वार्ड संख्या 229 उस्मानपुर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाया गया और करीब दो किमी. स्ट्रैच को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस क्षेत्र को दोबारा अतिक्रमण ना हो, इस उद्देश्य से संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और दिल्ली पुलिस को भी सूचित किया गया है।
दिल्ली नगर निगम के साउथ जोन द्वारा गौतम नगर, बलबीर सक्सेना मार्ग, गुलमोहर एनक्लेव, शेख सराय, चिराग दिल्ली, पीवीआर साकेत, लाडो सराय और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 1.5 किमी. क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 44 सामान और 4 वाहन भी जब्त किए गए। इसके अलावा, शाहदरा दक्षिण क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, नरेला समेत विभिन्न जोनों ने भी अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
पशु चिकित्सा विभाग द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया
दिल्ली नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। साउथ जोन द्वारा मेन रोड देवली, भाटी विलेज, और आसपास के क्षेत्रों से 06 आवारा पशुओं को पकड़ा गया। वहीं, रोहणी जोन में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 16 आवारा पशुओं को पकड़ा गया है। नजफगढ़ जोन में भी निगम टीम द्वारा 05 आवारा पशुओं को भी पकड़ा गया है। शाहदरा नार्थ ज़ोन में 05 पशुओं को निगम टीम द्वारा पकड़ा गया है और उल्लंघन करने वालों पर 12000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सिविल लाइंस ज़ोन ने सख़्त करवाई करते हुए 18 पशुओं को पकड़ा है. वहीं, नजफगढ़ जोन में ककरौला क्षेत्र से बड़ी संख्या में अवैध पोस्टर, बैनरों को भी हटाया गया है।
सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनाने और सार्वजनिक स्थानों को अनधिकृत संरचनाओं से मुक्त रखने के लिए यह संयुक्त कार्रवाई जरूरी थी, जिससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और पहुंच को फायदा हो। दिल्ली नगर निगम दिल्ली भर के सभी जोन में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।


