नई दिल्ली जिला पुलिस की बड़ी मॉक ड्रिल: एंबेसेडर होटल में बम की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों ने परखा अपना दम; महज 10 मिनट में VVIP को निकाला सुरक्षित

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राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने, आपातकालीन तैयारियों को सुदृढ़ करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर करने के उद्देश्य से नई दिल्ली जिला पुलिस ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिनांक 18 मई 2026 को नई दिल्ली जिला पुलिस द्वारा प्रसिद्ध एंबेसेडर होटल (Ambassador Hotel) में एक व्यापक और सघन मॉक ड्रिल अभ्यास (Mock Drill Exercise) का आयोजन किया गया। इस विशेष अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में बम की धमकी जैसी किसी भी आकस्मिक आपातकालीन स्थिति (Bomb Threat Contingencies) के दौरान पुलिस और अन्य सहयोगी एजेंसियों की परिचालन तत्परता, त्वरित जवाबी कार्रवाई और सुरक्षात्मक तैयारियों का बारीकी से मूल्यांकन करना था।

यह पूरा मॉक ड्रिल अभ्यास दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सीधे और कड़े पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया था। इस अभ्यास के दौरान वास्तविक संकट जैसी परिस्थिति पैदा कर सुरक्षा एजेंसियों के आपातकालीन रिस्पांस मैकेनिज्म, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की निकासी प्रक्रियाओं (Evacuation Procedures), तोड़फोड़ व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने वाले एंटी-सैबोटेज ऑपरेशन्स तथा आपातकाल के लिए तय मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के जमीनी कार्यान्वयन का गहन परीक्षण किया गया। ऐसे वीवीआईपी और संवेदनशील इलाकों में किसी भी वास्तविक खतरे से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की आपसी ट्यूनिंग कितनी सटीक है, इसे जांचना इस पूरी ड्रिल का मुख्य फोकस था।

इस मॉक ड्रिल को बिल्कुल वास्तविक रूप देने के लिए शाम के समय करीब 18:17 बजे थाना तुगलक रोड को एक सिम्युलेटेड (काल्पनिक) पीसीआर कॉल के जरिए सूचना दी गई कि नई दिल्ली के एंबेसेडर होटल के पार्किंग एरिया में एक संदिग्ध लावारिस वस्तु (संभावित बम) रखी हुई है। होटल में बम होने की इस सनसनीखेज सूचना के मिलते ही पूरी दिल्ली पुलिस और सुरक्षा तंत्र तुरंत एक्शन मोड में आ गया। बिना एक पल का वक्त गंवाए पुलिस चौकी खान मार्केट के प्रभारी (I/C PP Khan Market) स्थानीय पुलिस कर्मियों, सीटीयू स्टाफ (CTU Staff) और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी (Tughlak Road) और थाना अध्यक्ष (SHO) तुगलक रोड भी भारी दलबल के साथ तुरंत एंबेसेडर होटल पहुंचे और आपातकालीन सुरक्षात्मक उपाय शुरू कर दिए।

सूचना के साथ ही दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अन्य आपातकालीन सहयोगी टीमों को भी तुरंत मोबिलाइज किया गया। समन्वय स्थापित करते हुए दिल्ली फायर सर्विसेज (अग्निशमन विभाग), कैट्स एम्बुलेंस (CAT Ambulance), बम निरोधक दस्ता (BDS) और पीसीआर स्टाफ की विशेष टीमों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। होटल पहुंचते ही सुरक्षा बलों ने सबसे पहले सुरक्षा की दृष्टि से पूरे एंबेसेडर होटल और उसके आसपास के इलाके की मुस्तैदी से घेराबंदी (Cordon Off) कर दी। आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित भगदड़ या पैनिक (Panic) की स्थिति को रोकने के लिए वहां लोगों की आवाजाही को तुरंत नियंत्रित और विनियमित किया गया।

इस पूरी निकासी और एंटी-सैबोटेज ड्रिल के दौरान पुलिस की सबसे बड़ी परीक्षा होटल में ठहरे हुए एक वीवीआईपी (VVIP) को सुरक्षित निकालना था। सुरक्षा बलों ने अपनी पेशेवर कार्यशैली और अद्भुत तत्परता का परिचय देते हुए सूचना मिलने के महज दस मिनट के भीतर ही होटल में मौजूद वीवीआईपी को सुरक्षित रूप से वहां से इवैक्युएट (Evacuation Drill) किया और बेहद सुरक्षित तरीके से थाना तुगलक रोड शिफ्ट कर दिया। इसी बीच, मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते (BDS) ने अपनी आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के जरिए उस संदिग्ध वस्तु की तकनीकी जांच शुरू की। गहन जांच के बाद बम निरोधक दस्ते ने स्पष्ट किया कि वह संदिग्ध वस्तु कोई विस्फोटक उपकरण नहीं, बल्कि कंप्यूटर का एक उपकरण (Computer Instrument) थी।

इसके तुरंत बाद, बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता करने के लिए पूरे होटल परिसर की गहनता से एंटी-सैबोटेज चेकिंग की और चप्पे-चप्पे को पूरी तरह सैनिटाइज (Complete Sanitization) किया ताकि होटल के सभी मेहमानों और स्टाफ सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल और सैनिटाइजेशन की प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, थाना तुगलक रोड में सुरक्षित रखे गए वीवीआईपी को अत्यंत आदर और पूर्ण सुरक्षा के साथ वापस होटल परिसर में उनके स्थान पर पहुंचा दिया गया।

इस मॉक ड्रिल अभ्यास के सफल समापन ने नई दिल्ली जिला पुलिस और सहयोगी आपातकालीन एजेंसियों की किसी भी विपरीत परिस्थिति या बम की धमकी जैसी बड़ी आकस्मिकताओं से निपटने की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी तालमेल और उत्कृष्ट तैयारियों को साबित किया है। इस अभ्यास से वास्तविक समय की आपातकालीन स्थितियों में संचार प्रणालियों की प्रभावशीलता, त्वरित निकासी प्रक्रियाओं और अंतर-एजेंसी समन्वय का एक अमूल्य व्यावहारिक मूल्यांकन संभव हो सका है। नई दिल्ली जिला पुलिस ने इस सफल ड्रिल के माध्यम से देश और दुनिया से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले आगंतुकों और देश के नागरिकों को यह विश्वास दिलाया है कि वह दिल्ली की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और सक्षम है।

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