दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: नकली और जाली बेयरिंग बनाने वाली दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़; नामी ब्रांड्स के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) ने नकली और जालसाजी के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अपने निरंतर अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। एसीपी (ARSC/क्राइम ब्रांच) श्री संजय कुमार नागपाल के कुशल पर्यवेक्षण तथा इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के कुशल नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम ने एक सुसंगत और सुव्यवस्थित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो विदेशों से सस्ते दामों पर बेयरिंग आयात कर उन पर नामी ब्रांड्स के फर्जी ट्रेडमार्क छापने के अवैध धंधे में लिप्त था। यह गिरोह सस्ते और घटिया बेयरिंग पर ‘HCH’ और ‘NBC’ जैसे प्रतिष्ठित व नामी ब्रांडों के ट्रेडमार्क उत्कीर्ण (Engrave) कर उन्हें बाजार में असली और प्रामाणिक उत्पादों के रूप में बेचकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस टीम ने इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दोनों अवैध कार्यशालाओं (वर्कशॉप) को सील कर दिया है।

इस बेहद सफल और महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के नेतृत्व में एक समर्पित टीम का गठन किया गया था, जिसमें सब-इंस्पेक्टर मोहित यादव, सब-इंस्पेक्टर जतन सिंह, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद तालीम, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर श्याम सिंह, हेड कांस्टेबल कपिल राज शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल रविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल महेश, कांस्टेबल सुमित और महिला कांस्टेबल नीशू शामिल थीं। दिनांक 16 मई 2026 को इस टीम को एक अत्यंत विश्वसनीय और सटीक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि दिल्ली के फराश खाना इलाके में कुछ फैक्ट्रियों/वर्कशॉप के भीतर विदेशों से मंगवाए गए सस्ते बेयरिंग्स पर नामी-गिरामी ब्रांडों (HCH और NBC) के फर्जी मार्क लगाने और उन्हें असली बताकर खुले बाजार में बेचने का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

प्राप्त सूचना पर तत्काल कदम उठाते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों पीड़ित कंपनियों के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधियों को साथ लिया और फराश खाना क्षेत्र के मीर मदारी गली में रणनीतिक रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां दो अलग-अलग कार्यशालाओं को इस अवैध धंधे में पूरी तरह लिप्त पाया, जहां सस्ते आयातित बेयरिंग्स पर मशीन द्वारा नकली ट्रेडमार्क उत्कीर्ण किए जा रहे थे और उन्हें ब्रांडेड डिब्बों में पैक किया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्रियों को मौके पर ही सील कर दिया। पहली वर्कशॉप (मीर मदारी गली, फराश खाना) से पुलिस को नकली ‘HCH’ ट्रेडमार्क वाले विभिन्न आकारों के कुल 4959 जाली बेयरिंग, 03 स्टैम्पिंग/उत्कीर्णन (Engraving) मशीनें, 01 पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में कच्ची छपाई व पैकिंग सामग्री बरामद हुई। वहीं, उसी गली में संचालित दूसरी वर्कशॉप से पुलिस ने नकली ‘NBC’ ट्रेडमार्क वाले बड़े आकार के 87 नकली बेयरिंग, छोटे आकार के 21 नकली बेयरिंग, 01 स्टैम्पिंग/उत्कीर्णन मशीन और रॉ प्रिंटिंग/पैकिंग सामग्री जब्त की।

इस भारी बरामदगी के बाद, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कुल मिलाकर 5067 विभिन्न आकारों के नकली/जाली HCH और NBC बेयरिंग, 04 बड़ी स्टैम्पिंग/उत्कीर्णन मशीनें, 01 पैकिंग मशीन और कच्ची छपाई व पैकिंग सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया। इस संगठित अपराध और जालसाजी के संबंध में थाना क्राइम ब्रांच, दिल्ली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/336(3) एवं कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 131/26, दिनांक 17.05.2026 पंजीकृत कर आगे की गहन तफ्तीश शुरू की गई और मौके से दो मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा गया।

पकड़े गए आरोपियों में पहला आरोपी 50 वर्षीय आमिर खान, पुत्र राशिद खान, निवासी लाल कुआं, हमदर्द दवाखाना, दिल्ली-06 है, जो केवल 5वीं पास है और शादीशुदा है; वह पेशे से पुराने व इस्तेमाल किए जा चुके बेयरिंग खरीदने और उनकी मरम्मत (रिपेयर) करने का काम करता है। पुलिस रिकॉर्ड के सत्यापन से पता चला है कि आरोपी आमिर खान पहले भी इसी तरह के अपराध में शामिल रहा है और उसके खिलाफ वर्ष 2006 में थाना कमला मार्केट, दिल्ली में आईपीसी की धारा 420 और 63 कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा अपराध संख्या 144/2006 दर्ज हुआ था। गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी 40 वर्षीय मोहम्मद अनस, पुत्र जलालुद्दीन, निवासी ललिता पार्क, लक्ष्मी नगर, दिल्ली है, जो 12वीं पास और शादीशुदा है; वह भी पुराने बेयरिंग खरीदने, उनकी मरम्मत करने और फिर उन्हें असली के नाम पर बाजार में बेचने के पेशे में शामिल था, हालांकि उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। फिलहाल, क्राइम ब्रांच की टीम इस पूरे रैकेट के संपूर्ण नेटवर्क की पहचान करने, विदेशों से आयात होने वाली सप्लाई चेन का पूरी तरह पता लगाने और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सह-आरोपियों व वितरकों को दबोचने के लिए आगे की जांच और कार्रवाई सरगर्मी से कर रही है।

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