उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले के थाना जाफ़राबाद की पुलिस टीम ने मुस्तैदी और पेशेवर कार्यशैली का परिचय देते हुए क्षेत्र में हुई फायरिंग की एक सनसनीखेज वारदात को महज कुछ ही घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को धर-दबोचा है, जिसने मामूली विवाद के बाद सरेआम दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोली चलाई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक अर्ध-स्वचालित (Semi-Automatic) पिस्टल और छह जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से पुलिस ने न केवल अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि स्थानीय जनता के बीच सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दिनांक 17 मई 2026 को दोपहर के समय हुई, जब थाना जाफ़राबाद पुलिस को क्षेत्र में फायरिंग होने के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की एक टीम बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पुलिस टीम को शिकायतकर्ता सौरभ (उम्र 19 वर्ष) मिला, जिसने पुलिस को आपबीती बताते हुए बयान दर्ज कराया। सौरभ ने बताया कि दिनांक 16 और 17 मई 2026 की दरमियानी रात करीब 01:30 बजे, वह मौजपुर के गुर्जर चौक के पास कुछ अन्य कन्डक्टरों और मजदूरों के साथ मिलकर एक वाहन से माल (खेप) उतारने का काम कर रहा था। आधी रात को जब वे अपना काम कर रहे थे, तभी वहां पास में खड़ी एक कार से एक व्यक्ति नीचे उतरा और उनके पास आया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कार से उतरे उस व्यक्ति ने बेहद आक्रामक लहजे में सौरभ और उसके साथियों को अपना वाहन वहां से हटाने के लिए कहा। जब वे आपस में बातचीत कर ही रहे थे, तभी विवाद अचानक बढ़ गया और उस व्यक्ति ने गुस्से में आकर अचानक अपनी कमर से एक पिस्टल निकाल ली और सीधे फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत यह रही कि इस घटना में गोली किसी को नहीं लगी और सभी मजदूर व कन्डक्टर बाल-बाल बच गए। गोली चलाने के बाद आरोपी अपनी कार में बैठकर मौके से फरार हो गया। इस खौफनाक वारदात के बाद, डरे हुए मजदूरों ने तुरंत अपना वाहन वहां से हटाया और घटना की पूरी जानकारी वाहन के मालिक को दी, जिसने बाद में थाना जाफ़राबाद को सूचित कर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
इस गंभीर शिकायत के आधार पर, थाना जाफ़राबाद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a)/351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 148/26 पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश शुरू की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक फोरेंसिक टीम (FSL) को मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके साथ ही, अपराधियों पर नकेल कसने के लिए थाना जाफ़राबाद के थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर तनवीर अशरफ के नेतृत्व में एक समर्पित और विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने घटनास्थल के आसपास के खुफिया तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी व मानवीय इनपुट के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाने पर काम शुरू कर दिया।
पुलिस टीम ने स्थानीय मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया और अंततः फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान नितिन चौधरी उर्फ लाला (उम्र 37 वर्ष), पुत्र अजीत सिंह, निवासी मौजपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने आरोपी नितिन उर्फ लाला से कड़ाई और निरंतरता के साथ (Sustained Interrogation) पूछताछ की, तो उसने रात के समय हुई उस फायरिंग की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं।
जब पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपी नितिन चौधरी उर्फ लाला के आपराधिक इतिहास का विस्तृत और गहन सत्यापन (Detailed Verification) किया, तो पता चला कि वह पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने (Causing Hurt) जैसे दो संगीन आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इससे यह साफ होता है कि आरोपी एक आदतन और आक्रामक प्रवृत्ति का अपराधी है। फिलहाल, पुलिस ने हथियार और कारतूस को जब्त कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तथा गहन जांच (Further Investigation) अभी जारी है।








