राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी खतरों से निपटने, सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बनाने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को परखने के लिए नई दिल्ली जिला पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े पर्यवेक्षण में दिनांक 16 मई 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज होटल, चाणक्यपुरी (Taj Hotel, Chanakyapuri) में एक वृहद आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल (Anti-Terrorist Mock Drill) अभ्यास का आयोजन किया गया। इस व्यापक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति के दौरान पुलिस की परिचालन तत्परता, त्वरित जवाबी कार्रवाई (Tactical Response) और विभिन्न सहयोगी सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपातकालीन समन्वय का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन करना था।
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी बड़े और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक प्रतिष्ठान में अचानक होने वाले आतंकवादी हमले के दौरान सुरक्षा बलों की सामरिक प्रतिक्रिया, रेस्क्यू ऑपरेशन्स (बचाव कार्य), एरिया डोमिनेशन (क्षेत्र पर नियंत्रण), आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के प्रभावी क्रियान्वयन को बारीकी से जांचना था। वास्तविक संकट जैसी परिस्थिति का निर्माण कर सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखा गया ताकि भविष्य में किसी भी आकस्मिक चुनौती का पूरी मजबूती से सामना किया जा सके।
इस पूरी ड्रिल को बिल्कुल वास्तविक रूप देने के लिए दोपहर के समय करीब 14:52 बजे एक काल्पनिक पीसीआर कॉल फ्लैश की गई, जिसमें सूचना दी गई कि कुछ हथियारों से लैस आतंकवादी अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए ताज होटल के परिसर में घुस गए हैं। सूचना में बताया गया कि आतंकवादियों ने होटल के भीतर ‘मुमताज हॉल’ में घुसकर 2 से 3 लोगों को बंधक (Hostage) बना लिया है, जहाँ उस समय लगभग 400 लोग मौजूद थे। इस सनसनीखेज अलर्ट के मिलते ही पूरी दिल्ली पुलिस और आपातकालीन सुरक्षा तंत्र तुरंत हाई अलर्ट पर आ गया। बिना एक पल का वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस और आपातकालीन रिस्पांस टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। होटल पहुंचते ही सुरक्षा बलों ने सबसे पहले सुरक्षा की दृष्टि से पूरे ताज होटल को घेर लिया (Cordon Off) और सभी एंट्री व एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रारंभिक रिस्पांस टीमों में शामिल मोटरसाइकिल/साइकिल पेट्रोल स्टाफ, पीसीआर वैन और आतंकवाद विरोधी उपकरणों से लैस एंटी-टेरर ऑपरेशन (ATO) स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुमताज हॉल के पास संदिग्ध आतंकवादियों को पूरी तरह अलग-थलग (Isolate) कर दिया। मौके पर जमीनी स्तर पर ऑपरेशन की कमान संभालने और पूरे रिस्पांस मैकेनिज्म की प्रभावी निगरानी के लिए एसीपी (चाणक्यपुरी), थाना अध्यक्ष (SHO) चाणक्यपुरी और इंस्पेक्टर (कानून-व्यवस्था व जांच) अतिरिक्त पुलिस बलों के साथ खुद मोर्चे पर डटे रहे। इस दौरान दिल्ली पुलिस के स्वात (SWAT) टीम, स्पेशल सेल, बम निरोधक दस्ता (BDS), क्राइम टीम, एफएसएल (FSL) टीम, स्पेशल स्टाफ, दिल्ली फायर सर्विसेज, कैट्स एम्बुलेंस सर्विसेज और स्पेशल ब्रांच जैसी कई विशिष्ट इकाइयों ने इस ऑपरेशन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके तुरंत बाद, अत्याधुनिक आतंकवाद विरोधी हथियारों और उपकरणों से लैस नई दिल्ली जिले की स्वात (SWAT) टीम के 13 जांबाज कमांडो मौके पर पहुंचे और पूरे सामरिक ऑपरेशन को अपने नियंत्रण में ले लिया। कमांडोज ने रणनीतिक रूप से मोर्चा संभाला और बेहद सूझबूझ व सटीक तालमेल के साथ मुमताज हॉल पर धावा बोल दिया। स्वात टीम ने शानदार कार्रवाई करते हुए दोनों काल्पनिक आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ढेर (Neutralize) कर दिया और मुमताज हॉल में फंसे हुए सभी मेहमानों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मॉक ऑपरेशन के हिस्से के रूप में, आतंकवादियों और घटना स्थल के आसपास के इलाके से दो एके-47 राइफलें, 30 जिंदा कारतूस और 08 खाली खोके बरामद दिखाए गए। इसके अलावा, आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया और निकासी ड्रिल के तहत एक घायल मेहमान को पीसीआर स्टाफ की मदद से तुरंत नजदीकी प्राइमस अस्पताल (Primus Hospital) में स्थानांतरित किया गया। इस सफल ऑपरेशन के बाद, बम निरोधक दस्ते (BDS) और एफएसएल टीमों द्वारा पूरे होटल परिसर की बारीकी से जांच की गई और चप्पे-चप्पे को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। एंटी-सैबोटेज चेकिंग के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सभी आपातकालीन सुरक्षा प्रक्रियाओं के पूरा होने और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद, शाम करीब 16:30 बजे इस मॉक ड्रिल का औपचारिक रूप से समापन किया गया।
इस मॉक ड्रिल अभ्यास के सफल आयोजन ने क्रिटिकल और आपातकालीन आतंकी परिस्थितियों में नई दिल्ली जिला पुलिस और सहयोगी एजेंसियों की व्यावसायिकता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और उत्कृष्ट तैयारियों को एक बार फिर साबित किया है। इस अभ्यास से वास्तविक समय की आपातकालीन स्थितियों में संचार प्रणालियों की मजबूती, रेस्क्यू प्रोटोकॉल और अंतर-एजेंसी समन्वय का एक बेहतरीन व्यावहारिक मूल्यांकन संभव हो सका है। नई दिल्ली जिला पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और नागरिकों व विदेशी मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित और तत्पर है।












