दिल्ली पुलिस ने सराय रोहिल्ला इलाके में हुई ₹1.50 करोड़ की सनसनीखेज लूट की गुत्थी सुलझाते हुए एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसमें लुटेरे कोई और नहीं, बल्कि खुद पीड़ित कंपनी का कर्मचारी निकला। उत्तरी जिला पुलिस, स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने 11 दिनों तक 4 राज्यों में 4,000 किलोमीटर का पीछा कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने लूटी गई रकम में से ₹1,01,50,000 बरामद कर लिए हैं।
जानकारी के अनुसार 10 जून की सुबह करीब 11 बजे शिकायतकर्ता नितिन और उसके सहयोगी करण, दो बैगों में लगभग ₹1.50 करोड़ नकदी लेकर स्कूटी से जा रहे थे। जैसे ही वे जखीरा फ्लाईओवर के पास पहुंचे, बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। दोनों के चेहरे हेलमेट और गमछे से ढके हुए थे। एक बदमाश के हाथ में पिस्तौल थी। हथियार दिखाकर बदमाशों ने दोनों बैग छीन लिए और फरार हो गए। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। मामले को गंभीरता को देखते हुए डीसीपी उत्तरी जिला राजा बंथिया, 3 टीमें गठित की गईं। टीम में सराय रोहिल्ला थाना, उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच के अधिकारी शामिल थे। जांच की शुरुआत सीसीटीवी फुटेज से हुई। पुलिस ने घटना स्थल से लेकर 15 किमी के दायरे में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से पता चला कि आरोपी सुबह से ही पश्चिम विहार से नितिन की स्कूटी का पीछा कर रहे थे। लूट के बाद वे जखीरा से होते हुए पंजाबी बाग की ओर भागे। जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि इस साजिश में एक स्कूटी और एक सफेद मारुति स्विफ्ट कार का भी इस्तेमाल हुआ था। इससे साफ था कि लूट एक सोची-समझी साजिश थी, कोई लूट नहीं। पुलिस ने सबसे पहले दो नाबालिग लड़कों को पकड़ा। इन्होंने लूट में इस्तेमाल हुई स्कूटी आरोपियों को मुहैया कराई थी। इनकी निशानदेही पर 29 वर्षीय वीरेश उर्फ वीरू को गिरफ्तार किया गया। वीरेश से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरी साजिश की परतें खोल दीं। उसने बताया कि यह प्लान उसने अपने दोस्त 30 वर्षीय मनप्रीत उर्फ मनु और 26 वर्षीय करण के साथ मिलकर बनाया था। पुलिस ने कुल 8 को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम
- विक्की उर्फ विक्की, 41 वर्ष, निवासी नांगलोई 9 आपराधिक मामले
- धीर सिंह, 43 वर्ष, निवासी मुंडका 18 आपराधिक मामले
- वीरेश उर्फ वीरू, 29 वर्ष, निवासी पीरागढ़ी
- करण, 26 वर्ष, निवासी सुल्तानपुरी – कंपनी का कर्मचारी, मास्टरमाइंड
- मनप्रीत उर्फ मनु, 30 वर्ष, निवासी मंगोलपुरी
- चरणजीत सिंह, 56 वर्ष, निवासी मंगोलपुरी – मनप्रीत का पिता
- दो किशोर आरोपी किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश
बहरहाल पुलिस ने आरोपियों के क़ब्ज़े से
₹1,01,50,000 नकद
लूट में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल
सकूटी 4 मोबाइल फोन
लूटी गई रकम से खरीदी गई सोने की चेन और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है । टोटल खबरें दिल्ली से राजेश खन्ना की रिपोर्ट।







