गोपाल राय ने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बनाई रणनीति, सदन में ‘‘आप’’ के विधायक और सड़क पर संगठन करेगा जनता के हितों की रक्षा

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  • हम भाजपा की हर जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे और दिल्लीवालों से किए सारे वादे पूरे करने के लिए दबाव बनाएंगे- गोपाल राय
  • भाजपा ने चुनाव आयोग, धन, बल और छल का इस्तेमाल किया, फिर भी दिल्ली के 43.6 फीसद मतदाता अरविंद केजरीवाल के साथ हैं- गोपाल राय
  • दस दिन बाद भी मुख्यमंत्री तय नही कर पाना यह बताता है कि भाजपा के पास न तो कल कोई मुख्यमंत्री चेहरा था और न आज है- गोपाल राय
  • जब पहली बार भाजपा दिल्ली की सत्ता में आई थी, तब पांच साल में तीन मुख्यमंत्री बदले थे, उसी तरह के हालात फिर पैदा हो चुके हैं- गोपाल राय
  • ‘‘आप’’ अपने संगठन का पुनर्गठन करेगी, इसके लिए 19 और 22 फरवरी को बैठक कर चुनाव के दौरान पदाधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करेंगे- गोपाल राय

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक और पूर्व मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश संगठन मंत्री और जिलाध्यक्षों के साथ अहम बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर आम आदमी पार्टी के विधायक और सड़क पर पार्टी का संगठन दिल्ली की जनता के हितों की रक्षा करेगा। हम भाजपा की हर जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे और दिल्लीवालों से किए सारे वादे पूरे करने के लिए उस पर दबाव बनाएंगे। भाजपा ने चुनाव आयोग, धन, बल और छल का खुलकर इस्तेमाल किया। इसके बाद भी दिल्ली के 43.6 फीसद मतदाता आज भी अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं। दिल्ली चुनाव के नतीजे आए 10 दिन हो गए, लेकिन अभी तक भाजपा मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है, जो यह बताता है कि उसके पास न तो कल कोई मुख्यमंत्री चेहरा था और न आज है।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिल्ली के लोगों ने आम आदमी पार्टी को 43.6 फीसद वोट दिया। वहीं भाजपा को 45.6 फीसद वोट दिया। भाजपा को आम आदमी पार्टी से केवल 2 फीसद वोट ज्यादा मिले। जबकि भाजपा ने दिल्ली के अंदर चुनाव आयोग की नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाईं। धन, बल और छल का उपयोग किया। इसके बावजूद भी दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के ऊपर भरोसा करते हुए और सभी दबाव व प्रभाव को नकार दिया और दिल्ली के 43.6 फीसद मतदाताओं ने सरेआम इस बात का एलान किया कि वह अरविंद केजरीवाल के साथ हैं। यह एक बहुत बड़ी बात है।

गोपाल राय ने कहा कि जिस तरह से पूरी केंद्र सरकार, देश भर में भाजपा के संगठन, सांसद, उनकी राज्य सरकारों, नेताओं और विधायकों ने सत्ता के खुला दुरुपयोग किया। इसके बावजूद दिल्ली के लोगों का इतने बड़े पैमाने पर आम आदमी पार्टी के साथ खड़े होने का एलान हमारे लिए एक सूकून की बात है। इस बार दिल्ली में जिस तरह का चुनाव हुआ है, वैसा चुनाव आज से पहले कभी नहीं हुआ। पहले इतना धन-बल का उपयोग कभी नहीं हुआ। मतदाओं को इतना दहशत में कभी नहीं डाला गया। लेकिन इसके बावजूद भी दिल्ली के लोगों ने इतने बड़े पैमाने पर हमारा साथ दिया।

गोपाल राय ने बताया कि हमने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, संगठन मंत्री और जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की। बैठक में हमने यह निर्णय लिया है कि संगठन पूरी ताकत के साथ दिल्ली की जनता के साथ खड़ा रहेगा। हम उनके साथ मिलकर उनका सहयोग करेंगे और अगर भाजपा किसी जन विरोधी नीति की तरफ बढ़ती है तो हम उसके खिलीफ आवाज उठाएंगे। हमारी सरकार ने जो काम किए, उसे हमारे प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक हमारा संगठन इन्हें सतर्क करके और इनके सामने हमेशा प्रश्न चिन्ह लेकर खड़ा रहेगा। ताकि भाजपा ने जनता से जो वादे किए हैं उसकी सरकार उन्हें पूरा करे।

गोपाल राय ने कहा कि चुनाव के नतीजे आए दस दिन हो गए, लेकिन अभी तक भाजपा अपना मुख्यमंत्री तय नहीं कर पा रही है। भाजपा यह तय नहीं कर पा रही है कि दिल्ली के कौन मंत्री बनेंगे। यह इस बात को दर्शा रहा है कि भाजपा के पास न कल कोई मुख्यमंत्री था और न आज कोई मुख्यमंत्री है। वरना दिल्ली जैसे राज्य में जहां भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बैठता हो, दस दिन में भी वो लोग तय नहीं कर पाए। भाजपा कह रही थी कि जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटकर आएंगे, तब मुख्यमंत्री का चेहरा तय किया जाएगा। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी आ गए हैं, तब भी तय नहीं हो पा रहा है। तारीख पर तारीख दी जा रही है कि अब इस दिन हमारी बैठक होगी और उसमें मुख्यमंत्री तय किया जाएगा।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने जब भाजपा को पहली बार सत्ता सौंपी थी और उसने पांच साल में तीन मुख्यमंत्री बदले थे, उसी तरह की परिस्थितियां दिल्ली में दोबारा पैदा हो चुकी हैं। भाजपा में जिस तरह की गुटबाजी और खींचतान दिख रही है, वह इस बात की तरफ साफ संकेत दे रही है कि आगामी दिनों में दिल्ली के अंदर पांच साल के अंदर तीन मुख्यमंत्री बदले जाएंगे। कौन मुख्यमंत्री बनेगा, यह नाम तय भी हो जाए, लेकिन दिल्ली भाजपा में जिस तरह की परिस्थितियां दिख रही हैं, उससे दिल्ली में हर समय अस्थिर सरकार रहेगी। जिसको मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, वह उसी कोशिश में रहेगा कि जो मुख्यमंत्री बना है उसे कैसे हटाया जाए।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की जो पहली सरकार बनी थी, इस बार भी उसके वही लक्षण साफ-साफ दिख रहे हैं। ऐसे समय में दिल्ली के लोगों ने आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठने की जिम्मेदारी दी है। हम विधानसभा के अंदर भी एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और पार्टी का संगठन मोहल्ला स्तर पर भी अपने विपक्ष की भूमिका में खड़ा होगा। हमें 43.6 प्रतिशत लोगों ने जो जनादेश दिया है, उनकी आकांक्षाओं और समर्थन की रक्षा करना हमारा दायित्व है। हम उसके लिए काम करेंगे। इसके लिए आज हमने निर्णय लिया है कि जिसके तहत हम संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे, ताकि जिन क्षेत्रों में हमारी कमजोरी रही है, उसे ठीक किया जा सके और उसे और मजबूत किया जा सके।

गोपाल राय ने कहा कि 19 फरवरी को पार्टी के सभी 70 विधानसभा के प्रभारी व जिला सचिव, सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष और संगठन मंत्रियों की बैठक बुला रहे हैं। इसमें विधानसभा स्तर से सबका फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद 22 फरवरी को हम पार्टी के सभी फ्रंटल संगठन के प्रदेश पदाधिकारी, अध्यक्ष, संगठन मंत्री, उपाध्यक्ष और सचिव की बैठक करेंगे, जिसमें चुनाव के दौरान सभी की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा के बाद हम धीरे-धीरे नीचे मंडल स्तर पर संगठन के पुनर्गठन को आगे बढ़ाएंगे। इस तरह हमारा विधायक दल विपक्ष की भूमिका में जनता के हितों के लिए खड़ा होगा और वहीं सड़क पर हमारा संगठन मजबूती से आगे बढ़ेगा। इस दिशा में हम एक-एक कदम आगे बढ़ाएंगे।

गोपाल राय ने कहा कि हम यह इंतजार कर रहे थे कि भाजपा पहले मुख्यमंत्री का चयन कर ले और दिल्ली में मंत्रिमंडल बन जाए, उसको देखते हुए हम अपनी रणनीति बनाएंगे, लेकिन अब उनका इंतजार करते-करते हम निराश हो गए हैं। भाजपा को जनादेश तो मिल गया, लेकिन उसके अंदर अभी अपने हितों के लिए संघर्ष चल रहा है। दिल्ली के लोगों ने इतने बड़े पैमाने पर हमें समर्थन दिया है। उनकी रक्षा के लिए और उनकी आवाज को बुलंद करने के लिए आम आदमी पार्टी ने चरणबद्ध तरीके से आज से अपना संगठनात्मक दौर शुरू किया है। आगामी दिनों में हम इसे और भी मजबूत करेंगे। हम कल भी दिल्ली के लोगों की आवाज थे और आगे भी उनकी आवाज बनेंगे।

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