पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दिल्ली भक्तिमय हो उठी। 1400 वर्ष प्राचीन सिद्ध पीठ योगी सतगुरु बाबा श्री रतन नाथ जी महाराज के झंडेवालान स्थित मंदिर श्री हर श्री नाथ जी से ऐतिहासिक 17वीं श्री राम नाम महायज्ञ महाशोभायात्रा निकाली गई। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:30 बजे पूज्य बाबा श्री लक्ष्मण दास जी महाराज के आशीर्वाद से रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।
हजारों की संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालु नंगे पाँव, सिर ढककर, बिना काले वस्त्र धारण किए “जय श्री राम” के जयकारों के साथ शामिल हुए। नई दिल्ली की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज जी ने भी मार्ग में रथ को प्रणाम कर शुभकामनाएं दीं। प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस के पुजारी जी ने कहा, “ऐसी अनुशासित और भव्य यात्रा पहले कभी नहीं देखी।”
लगभग 9 किलोमीटर की यह यात्रा मंदिर श्री हर श्री नाथ जी से प्रारंभ होकर रानी झांसी रोड, बिड़ला मंदिर, कालीबाड़ी रोड, बंगला साहेब, हनुमान मंदिर, शिवाजी स्टेडियम, लेडी हार्डिंग रोड, पंचकुइयां रोड, आर के आश्रम, आराम बाग होते हुए प्रातः 10:10 बजे पुनः मंदिर में संपन्न हुई। न धक्का-मुक्की, न शोर – केवल राम नाम की गूंज।
नाथ संप्रदाय की यह सिद्ध पीठ 1400 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ी है। गुरु गोरखनाथ जी के प्रमुख शिष्य बाबा श्री रतन नाथ जी महाराज, जिनकी आयु 700 वर्षों से अधिक रही, ने जन कल्याण व भाईचारे हेतु कार्य किए। उनके स्थान काबुल, जलालाबाद, पेशावर व उत्तरकाशी में भी स्थापित हैं। वर्तमान में पूज्य बाबा श्री लक्ष्मण दास जी महाराज के नेतृत्व में सेवा कार्य चल रहे हैं।
यहाँ प्रतिदिन निशुल्क चाय-लंगर प्रसाद, गौ सेवा, गरीबों को कंबल-कपड़े वितरण होता है। “सेवा परमो धर्मः, गौ रक्षा परम कर्तव्यम्” इस पीठ का संकल्प है। दिल्ली पुलिस, CRPF व प्रशासन के पूर्ण सहयोग से यात्रा शांतिपूर्ण रही।
सिद्ध पीठ का संदेश है: “अंतरमन निर्मल हो तो प्रभु का वास जरूर होगा। कलयुग केवल नाम अधारा।” श्रद्धालुओं ने इसे सौभाग्य बताया।



