ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन द्वारा नई वाहन ट्रांसफर नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे एस नेयोल ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे एस नेयोल ने कहा कि
सरकार द्वारा लाई गई नई वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया से डीलरों, बैंकों और आम जनता सभी को परेशानी होगी। पहले वाहन की आरसी ट्रांसफर और एचपी चढ़ाना उतारना ये सभी काम एक साथ हो जाते थे। लेकिन नई गाइडलाइन के अनुसार अब पहले एचपी उतरेगी, फिर ट्रांसफर होगी और उसके बाद फिर से एचपी चढ़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया में 4 से 6 महीने का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि नई वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया में बार-बार ओटीपी की आवश्यकता होगी। यदि पार्टी ओटीपी नहीं देती है तो आरसी सीधे उसके घर चली जाएगी या पार्टी विदेश चले जाएगी। ऐसे में यदि किसी को बैंक से लोन लेना है तो आरसी पर एचपी नहीं चढ़ पाएगी। इससे न केवल लोन प्रक्रिया प्रभावित होगी बल्कि वाहनों के गलत हाथों में जाने से अपराध बढ़ने की भी आशंका है।
एसोसिएशन के अनुसार इस निर्णय से सरकार और जनता दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। स्मार्ट कार्ड और आरसी बनाने में पहले ही देरी होती है, अब तीन तीन बार प्रक्रिया होने से खर्च और समय दोनों बढ़ेंगे। डीलरों का कारोबार पहले से ही मंदा है, नई गाइडलाइन से ग्राहक वाहन खरीदने से कतराएंगे और बैंकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन भारत सरकार के यातायात मंत्री नितिन गडकरी से विशेष भेंटकर उन्हें इस पूरी समस्या के बारे में अवगत करांयेंगे और इसे लेकर ईमेल भी भेजा जा चुका है। विशेष भेट कर मांग पत्र सौंपकर इस मुद्दे को उठायेंगे है। ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे एस नेयोल ने इस गाइडलाइन को लेकर क्या कहा । आइए देखते हैं टोटल खबरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में
2026-07-30




