दिल्ली की हरित विरासत को और मजबूत करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सोमवार को ‘व्यापक पौधारोपण अभियान–2026’ का शुभारंभ किया। अभियान के तहत एनडीएमसी क्षेत्र के 34 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ पौधारोपण किया गया। यह अभियान केंद्र सरकार के शहरव्यापी पौधारोपण अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री ने की थी।
इस जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियान में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आरडब्ल्यूए, एमटीए, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठन और आम लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अभियान का नेतृत्व दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने इंडिया गेट स्थित चिल्ड्रन्स पार्क में पौधा लगाकर किया। नई दिल्ली की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने लक्ष्मीबाई नगर की संजय झील पार्क में पौधारोपण किया। एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा नेहरू पार्क और उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने लोधी गार्डन में अभियान की अगुवाई की।
इसी तरह एनडीएमसी सदस्य श्री अनिल वाल्मीकि ने तालकटोरा गार्डन, श्री डी.पी. सिंह ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और श्रीमती सरिता तोमर ने लोधी रोड स्थित वीर सावरकर पार्क में पौधे लगाकर परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
एनडीएमसी ने इस अभियान के दौरान अपने हरित क्षेत्रों में 612 से अधिक देशी और सजावटी प्रजातियों के पेड़ तथा 50,200 झाड़ियां लगाईं। इसके लिए 50,200 से ज्यादा गड्ढे पहले से वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए थे। रोपण में पीपल, नीम, जामुन, इमली, चंपा, अशोक, गुलमोहर, अमलतास जैसे पेड़ और हामेलिया, जस्टिसिया, कैना, लिली, मुराया जैसी झाड़ियां शामिल रहीं।
एनडीएमसी का मकसद सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं है। परिषद का कहना है कि इससे शहरी जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, वायु गुणवत्ता सुधरेगी और सार्वजनिक स्थान और अधिक सुंदर व पर्यावरण-अनुकूल बनेंगे।
फिलहाल एनडीएमसी करीब 1,450 एकड़ हरित क्षेत्र की देखरेख करती है। इसमें 6 बड़े पार्क, 122 कॉलोनी पार्क, सीपीडब्ल्यूडी के 981 पार्क, 52 स्कूलों के ग्रीन एरिया, 51 गोलचक्कर, 14 मार्केट गार्डन और करीब 15,000 सड़क किनारे के पेड़ शामिल हैं। दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का सिर्फ 3 फीसदी हिस्सा एनडीएमसी के पास है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के कुल हरित क्षेत्र में इसका योगदान लगभग 55 फीसदी है। इसी वजह से एनडीएमसी को देश की सबसे हरित शहरी निकायों में गिना जाता है।
एनडीएमसी ने कहा कि ‘व्यापक पौधारोपण अभियान–2026’ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जनभागीदारी के साथ हरियाली बढ़ाकर परिषद आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित नई दिल्ली बनाने की दिशा में काम कर रही है।





