द प्राइड ऑफ इंडिया“ अवॉर्ड सेरेमनी 2025 हुआ संपन्न

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कला और डिज़ाइन की दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखने वाले कलाभूमि इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिज़ाइन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। “द प्राइड ऑफ इंडिया“ अवॉर्ड सेरेमनी 2025 के दौरान, कलाभूमि ने अयोध्या राम मंदिर की सबसे लंबी पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह भव्य आयोजन द लॉफ स्टोर, वेगास मॉल, सेक्टर 14, द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। 50X30 फीट की अनोखी पेंटिंग, चार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर कलाभूमि के संस्थापक असगर अली ने इस ऐतिहासिक पेंटिंग को बनाने का संकल्प लिया। उनकी अगुवाई में 67 कलाकारों (मेंटर और छात्र) की टीम ने 4 घंटे, 4 मिनट, 4 सेकंड में इस पेंटिंग को पूरा किया। इस भव्य चित्रकला में भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें सम्मिलित हैं। इस अनूठी कला को चार प्रतिष्ठित वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज किया गयाः


वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्सः-
एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, हाई रेंज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, “द प्राइड ऑफ इंडिया“। अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित हुए कलाकार। इस अवसर पर कलाभूमि इंस्टीट्यूट द्वारा सभी प्रतिभागियों को विशेष सम्मान से नवाज़ा गया। जिन्होंने इस ऐतिहासिक प्रयास में योगदान दिया, उनके नाम भी इन विश्व रिकॉर्ड बुक्स में अमर हो गए। इस भव्य आयोजन में देश की कई जानी-मानी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराईः-पद्मश्री जय प्रकाश लखिवाल- मिनिएचर आर्टिस्ट डॉ. संदीप मारवाह-फिल्म निर्माता, निर्देशक, पत्रकार एवं बिजनेसमैन, एशियन अकादमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न के संस्थापक, मुकेश सिन्हा-निदेशक, द्वारका सिटी न्यूज़पेपर, मोहम्मद ताहिर-डायरेक्टर, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रा. लि.,एनआरआई प्रमुख, नेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन, रॉबिन शर्मा-राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय मंदिर परिषद, अमन शर्मा-वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आूल द्वारका रेजिडेंट फेडरेशन। कलाभूमि इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिज़ाइन 2007 से कला शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है। अब तक इस संस्थान ने दस से अधिक विश्व रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं, जिनमें लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, हाई रेंज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, मार्वलस बुक ऑफ रिकॉर्ड्स शामिल हैं। कलाभूमि न केवल छात्रों को प्रदर्शनी, कलाकारों से मिलने, गैलरी विज़िट, सरकारी कला कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर देता है, बल्कि वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाने जैसी बड़ी उपलब्धियों में भी शामिल करता है।


“द प्राइड ऑफ इंडिया“ अवॉर्ड सेरेमनी 2025 केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह भारतीय कला संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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