- दिल्ली सीमा के सभी प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की वास्तविक समय में स्क्रीनिंग के लिए ANPR कैमरा नेटवर्क स्थापित किया जाएगा
- इन कैमरों से पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी, SMS और व्हाट्स ऐप के माध्यम से भेजे जाएंगे अलर्ट
- “डेटा, ऑटोमेशन और अंतर-राज्यीय संचार के माध्यम से हम दिल्ली के बॉर्डर एरिया में प्रदूषण के विरुद्ध सुरक्षा कवच बना रहे हैं,” — माननीय पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली के साथ-साथ राजधानी में आने वाले वाहन चालकों को पर्यावरण के प्रति सजग करेंगे
– मनजिंदर सिंह सिरसा
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार अपनी व्यापक एनवायनमेंट एक्शन प्लान 2025-26 को अंतिम रूप दे रही है। इस कार्ययोजना में वायु प्रदूषण को घटाने और डस्ट पॉल्यूशन को नियंत्रित करने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित उपाय किये जाएंगे।
नई कार्ययोजना के तहत प्रदूषण फैलाने वाले एवं उम्र पूरी कर चुके वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोका जाएगा। इसके लिए दिल्ली की सीमा पर स्थित सभी प्रवेश बिंदुओं पर स्वचालित नंबरप्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। माननीय पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदूषण पर चर्चा के दौरान उम्र पूरी कर चुके वाहनों (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स – ELVs) को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के उपायों की समीक्षा की गई। ऐसे वाहन दिल्ली में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक हैं।
माननीय मंत्री ने ANPR कैमरों के शीघ्र इन्सटॉलेशन पर जोर दिया। ये स्वचालित कैमरे वाहनों के नंबर को कैप्चर करने के बाद उन्हें VAHAN डेटाबेस से क्रॉस-चेक करेंगे। इससे यह पता चलेगा कि उक्त वाहन को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वैधता है या नहीं। वाहन पंजीकरण विवरणों की जांच VAHAN डेटाबेस में की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहन EOL व्हीकल के रूप में सूचीबद्ध है या नहीं। दिल्ली सीमा के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की स्थिति बताने के लिए LED स्क्रीन भी स्थापित की जाएंगी, जो वाहन नंबर को फ्लैश करेंगी और EOLV वाहन के रूप में सूचीबद्ध पाए जाने पर संबंधित वाहन नंबर के साथ “रॉंग एन्ट्री” दर्शाएंगी। इस आशय के संदेश वाहन मालिकों को भी SMS और WhatsApp के माध्यम से उनके मोबाइल फोन पर भेजे जाएंगे।
माननीय मंत्री सिरसा ने कहा कि “हम प्रदूषण को उसके प्रारंभिक स्तर पर ही रोकना चाहते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर प्वाइंट्स पर चरणबद्ध तरीके से ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि उम्र पूरी कर चुके (एंड-ऑफ-लाइफ) वाहनों का पता लगाकर उन्हें रोका जा सके। यह केवल सरकार का प्रयास ही नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने का मामला है। डेटा, ऑटोमेशन और इंर-स्टेट आउटरीच के माध्यम से हम दिल्ली के चारों ओर प्रदूषण के विरुद्ध सुरक्षा कवच बना रहे हैं।”
माननीय मंत्री ने आगे कहा कि ये कैमरे ट्रक एवं अन्य वाहन चालकों को EOL वाहनों के दिल्ली में प्रवेश निषेध के प्रति जागरूक करने का काम भी करेंगे। इस योजना के हिस्से के रूप में अन्य राज्यों के वाहन मालिकों को SMS और WhatsApp के माध्यम से अलर्ट भेजकर उन्हें सूचित किया जाएगा कि उम्र पूरी कर चुके वाहनों (EOLVs) को दिल्ली में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है। इस निर्देश का उल्लंघन करने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एंड-ऑफ-लाइफ की सीमा पर पहुँचने जा रहे वाहन मालिकों को भी एलर्ट संदेश भेजे जाएंगे, ताकि नियमों के अनुपालन के लिए अपने वाहनों में समय रहते आवश्यक बदलाव किये जा सकें।
यह उपाय सिर्फ नियमों का उल्लंघन रोकने का प्रयास नहीं है, बल्कि इसका मकसद वाहन चालकों समेत सभी ट्रांसपोर्ट संचालकों को जागरूक करना भी है। एलर्ट संदेश भेजने से वाहन मालिक खुद तो सावधान होंगे ही, अपने संपर्क के अन्य लोगों को भी इन नियमों के प्रति जागरूक कर सकेंगे। इसके लिए परिवहन विभाग को 12 महीने का SMS सूचना कैलेंडर तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि इंटर-स्टेट आउटरीच निर्बाध रूप से जारी रहे।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने वाहन प्रदूषण नियंत्रण, वायु गुणवत्ता सुधार, वृक्षारोपण, ठोस और C&D कचरा प्रबंधन समेत पानी का छिड़काव करने वाले ट्रकों एवं एंटी-स्मॉग गन की तैनाती के लिए 1 जून की समयसीमा और लक्ष्यों की भी समीक्षा की। डीपीसीसी, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जैसे विभागों को उनके क्रियान्वयन की समयसीमा को सुव्यवस्थित करने और संशोधित क्रियान्वयन कार्यक्रम के साथ रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया। बैठक में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वन संरक्षण, यमुना पुनर्जीवन और पर्यावरणीय स्थिरता पर जनजागरूकता के लिए नई रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
प्रदूषण नियंत्रण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “हम एक ऐसी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं जो तकनीकी रूप से सक्षम और पर्यावरण के अनुकूल हो जिससे दिल्ली में प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई में हमें और मजबूती मिले।”


