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स्पेशल सेल, दक्षिणी रेंज की पुलिस टीम में ऐसे ख़तरनाक बदमाश को गिरफ़्तार किया है जो कि सीरियल किलर के नाम से भी जाना जाता है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन वसूली आदि सहित 30 से अधिक मामलों में शामिल कुख्यात वांछित अपराधी है। पकड़े गए बदमाश का नाम सोहराब उर्फ ​​​​सौरभ पुत्र वसीम अहमद निवासी सदर कैंट, नई बस्ती, झोपड़ पट्टी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, उम्र 38 वर्ष, को पार्क स्ट्रीट, कोलकाता, पश्चिम बंगाल पुलिस स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि थाना कृष्णा नगर में फर्लो पर रिहा किया गया था और फर्लो अवधि समाप्त होने के बाद भी उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।
सोहराब के छुट्टी से भागने की सूचना मिलने पर, आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम गठित करी। शुरुआत में दिल्ली के शाहदरा इलाके में पुलिस को कुछ सुराग मिला। बाद में पुलिस ने लखनऊ में छापेमारी क़री। जहाँ सोहराब को “सीरियल किलर” कहा जाता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने शहरों और कस्बों में छापेमारी करी। बताया जाता है कि आर्म्स एक्ट, पीएस स्पेशल सेल, दिल्ली की जांच के दौरान, गिरफ्तार आरोपी नसीम ने खुलासा किया कि लखनऊ के नई बस्ती निवासी सोहराब भी हथियार खरीदने में उसके साथ शामिल था।
सोहराब कोलकाता के विधान नगर स्थित एक इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) क्लिनिक में आएगा। स्पेशल सेल की टीम जाल बिछाया।
आरोपी को देखते ही उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम द्वारा खुद को घिरा पाकर, आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया।
सोहराब ने अपने छोटे भाई शहजादा की मौत का बदला लेने के लिए वर्ष 2005 में लखनऊ में सनसनीखेज हत्याओं के साथ अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत की। 2007 में, सोहराब तिहरे हत्याकांड में लखनऊ की अदालत में पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हो गया था।
धीरे-धीरे वह लखनऊ के सदर कैंट थाने का एक शीर्ष गैंगस्टर बनकर उभरा। वह उत्तर प्रदेश के शीर्ष 10 अपराधियों की सूची में शामिल था। यह सोहराब ने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर कृष्णा नगर में एक आभूषण की दुकान में दिनदहाड़े डकैती डाली और गंभीर ज्वैलर्स के मालिक की हत्या कर दी। इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।सोहराब पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन वसूली आदि सहित 30 से अधिक मामलों में शामिल रहा है। वह लखनऊ के सदर थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उसे उत्तर प्रदेश के “सीरियल किलर” के रूप में जाना जाता है। उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए 02.03.2011 को समाज कल्याण विभाग के एक कर्मचारी सैफ हैदर सैफी की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी।
अब 2013 में, अमीनाबाद से पूर्व भाजपा पार्षद श्याम नारायण पांडे उर्फ ​​पप्पू पांडे की हत्या उसके इशारे पर भाड़े के हत्यारों द्वारा कर दी गई थी। 2016 में, उसने संभल के पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के पोते मोहम्मद जैद शकील की हत्या की साजिश रची थी। जेल में रहते हुए, उसने अपने भाइयों के साथ इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ के व्यापारियों से जबरन वसूली जारी रखी और उत्तर प्रदेश के एक अन्य खूंखार अपराधी मुख्तार अंसारी का संरक्षण प्राप्त किया। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना कि इस रिपोर्ट में

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