Listen to this article

विषय: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ – 10 मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 31 लग्जरी चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की इंटर स्टेट सेल ने एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हाई-एंड वाहनों की चोरी, चेसिस नंबर में छेड़छाड़ और जाली दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें बेचने के संगठित रैकेट में शामिल था। पुलिस ने कुल 31 लग्जरी चोरी के वाहन और चेसिस नंबर टैंपर करने के उपकरण भी बरामद किए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक 1000 से अधिक चोरी के वाहनों को फर्जी तरीके से रजिस्टर्ड कर बेचा है। जानकारी के अनुसार 5 अगस्त 2025 को को पीतमपुरा निवासी एक महिला की हुंडई क्रेटा कार चोरी होने पर थाना मौर्या एन्क्लेव में ई-एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सितम्बर 2025 को जांच अपराध शाखा की इंटर स्टेट सेल, चाणक्यपुरी को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह चोरी के वाहनों और लोन डिफॉल्ट गाड़ियों को खरीदकर उनके चेसिस नंबर बदलता था। इसके बाद टोटल लॉस या जलमग्न वाहनों की चेसिस पहचान लगाकर फर्जी फॉर्म 21, जाली एनओसी और दस्तावेजों के जरिए परिवहन विभाग के कुछ एजेंटों व अधिकारियों की मिलीभगत से उनका पुनः पंजीकरण कराया जाता था। पूरे रैकेट का खुलासा करने के लिए 9 January 2026 को थाना क्राइम ब्रांच में अलग मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर मनमीत मलिक के नेतृत्व और एसीपी रमेश चंदर की देखरेख में एसआई राजेंद्र ढाका, एएसआई सुरेंद्र सिंह, एएसआई प्रवीण सिंह, एचसी मोनित सिंह और एचसी सुनील ढाका की टीम ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया। टीम ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 31 हाई-एंड वाहन जब्त किए।
बताया जाता है कि गिरोह का तरीका यह सिंडिकेट एक सुनियोजित चेन के रूप में काम करता था। मनबीर उर्फ मिंटा जैसे सदस्य चोरी और लोन डिफॉल्ट वाहन जुटाते थे। सरगना दमनदीप सिंह उर्फ लकी पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था। प्रदीप सिंह उर्फ हीरा विशेष उपकरणों से चेसिस नंबर बदलता था। अरविंद शर्मा फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। बिलासपुर आरएलए के क्लर्क सुभाष चंद और गौरव भारद्वाज ने वाहन पोर्टल के अनधिकृत लॉगिन से 1000 से अधिक वाहनों का फर्जी पंजीकरण कराया। हेमराज सिंह उर्फ हेमा बिलासपुर में वाहनों को रजिस्टर्ड कराता था। अमनदीप सिंह खरीदारों तक वाहन पहुंचाता था, जबकि कंवलजीत उर्फ जॉली और बृज मोहन कपूर उर्फ बॉबी इन्हें बेचते थे। टिफले नौखेज इन वाहनों का इस्तेमाल नशा तस्करी में करता था।

बहलहार पुलिस मामले की जांच में जुट गई है पुलिस ने कुल 31 हाई-एंड वाहन बरामद किये जिसमे टोयोटा फॉर्च्यूनर 11, इनोवा 3, किया सेल्टोस 6, हुंडई क्रेटा 6, वेन्यू 1, महिंद्रा थार 1, स्कॉर्पियो-एन 2, स्विफ्ट डिजायर 1 सहित कुल 31 वाहन और चेसिस टैंपरिंग के उपकरण बरामद हुए।

पकड़े गए आरोपी के नाम दमनदीप सिंह, 42 वर्ष, जालंधर सरगना , अरविंद शर्मा, 38 वर्ष, चंडीगढ़ दस्तावेज जालसाज
अमनदीप, 39 वर्ष, पीतमपुरा बिचौलिया
सुभाष चंद, 40 वर्ष, बिलासपुर आरएलए क्लर्क मनबीर सिंह उर्फ मिंटा, 32 वर्ष, अमृतसर वाहन सप्लायर
कंवलजीत उर्फ जॉली, 45 वर्ष, जालंधर वाहन डीलर
बृज मोहन कपूर उर्फ बॉबी, 40 वर्ष, अमृतसर वाहन डीलर प्रदीप सिंह उर्फ हीरा, 42 वर्ष, फरीदाबाद चेसिस टैंपरिंग एक्सपर्ट
टिफले नौखेज, 43 वर्ष, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी नशा तस्कर
हेमराज सिंह उर्फ हेमा, 43 वर्ष, संगरूर मुख्य रिसीवर पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और और वाहनों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की रिपोर्ट

(आदित्य गौतम)
पुलिस उपायुक्त
अपराध शाखा, दिल्ली


शब्द संख्या: 508

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *