नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर लगे गंभीर आरोपों और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में इन विषयों पर नियम के तहत चर्चा कराने की मांग करते हुए खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए।
“करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सवाल, जवाब दें प्रधानमंत्री”
मंगलवार सुबह राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, ज़मीन की खरीद-फरोख्त और प्रबंधन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
खरगे ने याद दिलाया कि इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इसका ऐलान किया था। सरकार ने ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक ज़मीन सौंपी और प्रधानमंत्री भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर बड़े आयोजन में शामिल रहे। ऐसे में सरकार और प्रधानमंत्री इस मामले में जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकते।
केंद्रीय जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि इस तरह के गंभीर आरोपों के बाद भी केंद्रीय जांच एजेंसियां खामोश क्यों हैं? खरगे ने कहा:
“प्रधानमंत्री सदन में आकर बताएं कि ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और आयकर विभाग (IT) जैसी केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में कहाँ हैं? भगवान श्रीराम के नाम पर अनियमितता करने वाले लोगों को देश से माफी मांगनी चाहिए।”
सदन में खरगे के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा हंगामा किया गया, जिसके कारण वे अपना भाषण पूरा नहीं कर सके।
“सड़क पर छात्र, चर्चा से भाग रही है सरकार”
बाद में संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए खरगे ने कहा कि विपक्ष की स्पष्ट मांग है कि राज्यसभा के सभापति और लोकसभा अध्यक्ष श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले और देश की राजधानी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दों पर संसद में चर्चा की अनुमति दें।
गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सदन में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो कि सदन की गरिमा के खिलाफ है।
“सदन चलाने का एक ही तरीका- पीएम और गृह मंत्री दें बयान”
राज्यसभा में दोबारा अपनी बात रखते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने जोर देकर कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है और चर्चा चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गतिरोध को समाप्त करने और सदन को चलाने का एक ही तरीका है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन के पटल पर आकर इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट बयान दें।










