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यह ग़ुस्सा यह आक्रोश दरअसल ये सभी लोग ट्रांसपोर्टर हैं। दिल्ली एनसीआर में मालवाहक वाहनों की प्रविष्टि और परिचालन से संबंधित सरकारी नीतियों के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस के द्वारा 21 मई , 22 मई और 23 मई तक तीन दिवसीय व्यापक ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया है। सरकार से अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को दिल्ली के संजय नगर ट्रांसपोर्ट नगर में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर हुए सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाजी करी। अपनी मांगों को संजय नगर ट्रांसपोर्ट क्षेत्र ट्रांसपोर्टर एकत्रित होकर यहाँ से पानीपत में सैकड़ों ट्रांसपोर्टर ने बैठक आयोजित की। बता दे कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने दिल्ली एनसीआर में मालवाहक वाहनों की प्रविष्टि और परिचालन से संबंधित सरकारी नीतियों के विरोध में 21 मई , 22 मई और 23 मई तक तीन दिवसीय व्यापक ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया है। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य मालवाहक वाहनों पर बढ़ाए गए एन्वायरमेंट कंपनसेशन चार्ज (E C C) और विशेष रूप से B S फोर वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराना है। ट्रांसपोर्टर्स का तर्क है कि B S फोर वाहन अभी भी परिचालन के योग्य हैं और कोरोना काल के दौरान इनके सीमित उपयोग को देखते हुए इन पर प्रतिबंध लगाना आर्थिक रूप से विनाशकारी साबित होगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर B S सिक्स जैसे आधुनिक और मानक वाहनों पर भी E C C थोपना तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि ये वाहन पहले से ही पर्यावरण के अनुकूल हैं। इस विरोध प्रदर्शन के तहत दिल्ली की सीमाओं पर बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों के प्रवेश को पूरी तरह से वर्जित रखा जाएगा, जिससे राजधानी में आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, फल, सब्जियों और दवाओं की आपूर्ति बाधित होने की प्रबल संभावना है। ट्रांसपोर्टर कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया और इन अव्यावहारिक करों एवं प्रतिबंधों को वापस नहीं लिया गया, तो यह सांकेतिक चक्का जाम आने वाले समय में एक अनिश्चितकालीन आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संगठन ने दिल्ली एनसीआर के सभी ट्रांसपोर्टरों, ऑटो और टैक्सी यूनियनों से इस आंदोलन को सफल बनाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है। आइए देखते हैं टोटल खबरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में ट्रांसपोर्ट ने अपना आक्रोश प्रकट होते हुए मीडिया से बात करते हुए क्या कहा।

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