नई नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा एनडीसीसी कन्वेंशन सेंटर, जय सिंह रोड, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अनुकंपा आधार पर नियुक्त 109 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र और संविदा कर्मचारियों को मेडिकल हेल्थ कार्ड वितरित किए।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य श्री दिनेश प्रताप सिंह, श्री अनिल वाल्मीकि, सुश्री सरिता तोमर और वित्तीय सलाहकार श्री राकेश कुमार उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि एनडीएमसी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहाँ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मिलकर राष्ट्रसेवा में लगे लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी क्षेत्र देश के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक ढांचे का केंद्र है और यहाँ कार्यरत कर्मचारी राजधानी की छवि को निखारते हैं।

एनडीएमसी के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों से 109 परिवारों को नई उम्मीद मिली है। ये नियुक्तियाँ सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि परिवारों के भविष्य को स्थिरता और सुरक्षा देने वाली आजीवन सहायता हैं। उन्होंने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि इन नियुक्तियों में लगभग 90 महिलाएँ शामिल हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी चयनित उम्मीदवार “विकसित भारत, विकसित दिल्ली” के संकल्प को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने एलएमएचएस योजना के तहत संविदा कर्मचारियों को मेडिकल हेल्थ कार्ड देने को बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि आज चिकित्सा खर्च परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है, ऐसे में कैशलेस सुविधा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के ध्येय से संवेदनशील और पारदर्शी शासन दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी कर्मचारी, अधिकारी या आम नागरिक के साथ अन्याय न हो और सभी को सम्मान के साथ जरूरी सुविधाएँ मिलें।
दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र और संविदा कर्मचारियों को मेडिकल कार्ड की सुविधा देना सामाजिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे दिवंगत परिवारों के चेहरों पर खुशी आई है और संविदा कर्मचारियों को चिकित्सा आपातकाल में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। उन्होंने याद दिलाया कि एनडीएमसी ने कुछ साल पहले 4,400 अस्थायी कर्मचारियों को नियमित भी किया था। ये कदम वोट के लिए नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी निभाने के लिए हैं।
सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों और संविदा कर्मचारियों के लिए मेडिकल कार्ड की लंबे समय से लंबित मांगों को एनडीएमसी परिषद ने पूरी संवेदनशीलता से मंजूर किया। यह केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय पहल है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण नेतृत्व की झलक आज के इन दोनों निर्णयों में दिखती है।
एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा ने स्वागत भाषण में कहा कि 109 कर्मचारियों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति पत्र देना दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को सम्मान, आर्थिक स्थिरता और भावनात्मक सहारा देने की एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 38 श्रेणियों में कार्यरत 878 संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों को अब सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने 2025-26 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि 81 विभागीय पदोन्नति समितियों के माध्यम से 954 पदोन्नतियाँ की गईं, 4,357 कर्मचारियों को एमएसीपी लाभ दिया गया, पेंशन निपटान में तेजी लाई गई और डीएसएसएसबी व यूपीएससी के जरिए भर्तियाँ की गईं। 2026-27 में भी प्रशासनिक पारदर्शिता और कर्मचारी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने माननीय मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र और मेडिकल कार्ड का वितरण सरकार की संवेदनशीलता और कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी और पूरी निष्ठा से जनसेवा में योगदान की अपेक्षा की।
श्री चहल ने अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से अपील की कि प्रधानमंत्री के सतत विकास के विजन को जन आंदोलन बनाएं। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा संरक्षण, डिजिटल कार्य संस्कृति और “मेक इन इंडिया” उत्पादों को अपनाएं, ताकि मिलकर स्वच्छ, हरित और विकसित भारत का निर्माण कर सकें।




