दिल्ली के महापौर, श्री प्रवेश वाही ने आज करोल बाग जोन में सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद श्री मनीष चड्ढा, करोल बाग जोन के उपायुक्त श्री दिलखुश मीणा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भीषण गर्मी के बावजूद महापौर लगातार दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से निरीक्षण कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने राजगुरु रोड स्थित चूना मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से अपील की कि वे क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करंा तथा कूड़ा सड़क पर फेंकने के बजाय निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालें। महापौर ने क्षेत्रीय नागरिकों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर महापौर श्री प्रवेश वाही ने स्वयं सड़क पर पड़ा कूड़ा उठाकर कूड़ेदान में डाला और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ मिलकर झाड़ू भी लगाई। महापौर ने कहा कि स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है और प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था को उच्चतम स्तर तक ले जाना निगम की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में महापौर ने पंचकुइया रोड स्थित श्मशान घाट का भी दौरा किया और वहां निर्माणाधीन सीएनजी प्लेटफॉर्म सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त महापौर ने पंचकुइया रोड फिक्स कॉम्पेक्टर ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और मशीनीकृत बनाने के लिए निगम लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि निगम के बेड़े में मैकेनिकल स्वीपर्स, लिटर पिकर सहित विभिन्न आधुनिक मशीनों को शामिल किया जा रहा है ताकि सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।












