नई दिल्ली, 18 मई 2026: देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अपील से प्रेरित होकर और दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के कुशल नेतृत्व में, दिल्ली सरकार ने ‘मेट्रो मंडे’ पहल के माध्यम से राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी, बेहतर सार्वजनिक परिवहन और ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। सार्वजनिक परिवहन के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस अनूठी पहल के अंतर्गत, दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह आज अपने विकासपुरी स्थित आवास से मेट्रो और डीटीसी की इलेक्ट्रिक बस से यात्रा करके दिल्ली सचिवालय पहुंचे।
परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह विकासपुरी से रवाना होकर सबसे पहले उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पहुंचे, जहां से वे मेट्रो में सवार हुए। उन्होंने रामकृष्ण आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन तक आम जनता के साथ एक आम यात्री की तरह सफर किया। इसके बाद, सचिवालय पहुंचने के लिए मंत्री महोदय डीटीसी की पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बस में सवार हुए और अपना सफर पूरा किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ईंधन की स्थिति और एक स्वच्छ व हरित दिल्ली की जरूरत को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और ईवी (EV) मोबिलिटी को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अपनी इस यात्रा के दौरान परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने मेट्रो में सफर कर रहे सह-यात्रियों, विशेषकर बच्चों से बेहद आत्मीय और खुलकर बातचीत की। इस दौरान बच्चों ने यात्रा सुविधाओं और मेट्रो संचालन से संबंधित अपने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और चिंताएं मंत्री महोदय के सामने रखीं। परिवहन मंत्री ने इस फीडबैक पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बच्चों द्वारा उठाए गए मुद्दों का तुरंत समाधान किया जाए और मेट्रो नेटवर्क के भीतर यात्रियों की सुविधाओं व यात्रा के अनुभव को और अधिक बेहतर बनाया जाए। मौके पर मौजूद डीएमआरसी के अधिकारियों ने भी मंत्री महोदय को भरोसा दिया कि बातचीत के दौरान सामने आए सभी सुझावों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर उचित निवारण किया जाएगा।
यात्रियों से संवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि इस तरह की बातचीत से सरकार को जमीनी स्तर की व्यावहारिक समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिलता है, जिससे पूरी परिवहन प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि जब जन प्रतिनिधि खुद सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, तो यात्रियों की रोजमर्रा की चुनौतियों की पहचान करना और उनकी सुविधाओं में सुधार करना और भी ज्यादा आसान हो जाता है। अपने निजी जुड़ाव का जिक्र करते हुए डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वे खुद साल 2004 से दिल्ली मेट्रो सेवा का नियमित इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने आधुनिक बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, समय की पाबंदी और निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए दिल्ली मेट्रो की सराहना की, साथ ही डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को आरामदायक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बताया।
अपने अनुभव को साझा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन लगभग 65 से 70 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि डीटीसी बसों में भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शहर के अंतिम छोर तक सुलभ हो सकें। इसी कड़ी में प्रदूषण कम करने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 4300 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, और सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक इस फ्लीट को बढ़ाकर लगभग 7500 तक पहुँचाने का है। इसके अलावा, आने वाले दिनों में लगभग 100 नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही डीटीसी के बेड़े में शामिल की जाएंगी।
अंत में, माननीय परिवहन मंत्री ने दिल्ली के प्रत्येक नागरिक से ‘मेट्रो मंडे’ पहल को एक जनांदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सतत मोबिलिटी (Sustainable Mobility) में जनता की अधिक भागीदारी बढ़ने से राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, कम भीड़भाड़ वाला और प्रदूषण मुक्त बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने राजधानी के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और दिल्ली के परिवहन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए यात्रियों के सुझावों व शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर काम जारी रहेगा।












