नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के प्रसिद्ध आईएनए मार्केट में प्रशासन ने बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। एसडीएम जंगपुरा के कुशल नेतृत्व में दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, गैर-सरकारी संगठन ‘प्रयास’ और एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने बाजार में औचक छापेमारी की। इस व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 11 बाल श्रमिकों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया। मौके पर जांच करने पर टीम ने पाया कि मुक्त कराए गए सभी 11 बच्चों की उम्र 14 वर्ष से कम है, जिन्हें कानून के उल्लंघन में वहां काम पर रखा गया था।

प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), कालकाजी के समक्ष पेश किया। समिति के आदेशानुसार, बच्चों की उचित देखरेख, सुरक्षा और पुनर्वास के लिए उन्हें लाजपत नगर स्थित ‘बाल गृह फॉर बॉयज’ भेज दिया गया है। बाल श्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम जंगपुरा ने कानून का उल्लंघन करने वाले उन सभी प्रतिष्ठानों को मौके पर ही सील करने के आदेश दिए, जहां इन बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी। इसके साथ ही, दोषी दुकानदारों और नियोक्ताओं के खिलाफ बाल श्रम कानून और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसडीएम जंगपुरा ने इस कार्रवाई पर कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि समाज में बाल श्रम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इसके अलावा, प्रशासन ने आम जनता और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे बाल श्रम को रोकने में भागीदार बनें। यदि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराने का मामला सामने आता है, तो इसकी तुरंत सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, ताकि समय रहते मासूमों का बचपन सुरक्षित किया जा सके।






