दिल्ली सरकार द्वारा नागरिकों की सहूलियत के लिए शुरू किए गए विशेष ‘जन कल्याण शिविरों’ को जनता का अभूतपूर्व और उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 18 से 20 जून तक चलने वाले इन त्रि-दिवसीय शिविरों के पहले ही दिन राजधानी के 42 जन सुविधा केंद्रों पर रिकॉर्ड 15,186 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लोगों ने एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं, नागरिक सेवाओं और अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस ऐतिहासिक जनभागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा, “पहले ही दिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह साबित करती है कि दिल्लीवासी अपने घर के निकट सरकारी सेवाएं उपलब्ध होने से बेहद संतुष्ट हैं। ये शिविर जनसेवा को सीधे घर-घर तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।”
त्रिलोकपुरी, ईस्ट लोनी रोड और सावित्री नगर में उमड़ा जनसैलाब
मुख्यमंत्री ने केंद्रों की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पहले दिन त्रिलोकपुरी स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय केंद्र पर सर्वाधिक 1,280 नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे। इसके बाद ईस्ट लोनी रोड केंद्र पर 874 और सावित्री नगर केंद्र पर 841 नागरिकों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनके अलावा नजफगढ़ स्टेडियम, गोयला डेयरी रोड, पालम कॉलोनी और इंद्रपुरी सहित अनेक केंद्रों पर भी सैकड़ों नागरिकों की उल्लेखनीय और सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
राशन, पेंशन, आयुष्मान और पहचान पत्र संबंधी कार्यों के लिए मची होड़
शिविरों में पहुंचे अधिकांश नागरिकों ने बुनियादी और आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाया। लोग मुख्य रूप से राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वृद्धावस्था व अन्य पेंशन, नए जल कनेक्शन, [पहचान पत्र पंजीकरण], ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे थे। विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों ने मौके पर ही मौजूद रहकर नागरिकों का मार्गदर्शन किया और कई लाभार्थियों के आवेदन व पंजीकरण की प्रक्रिया को मौके पर ही पूरा करवाया।
सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति; सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुले हैं केंद्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन शिविरों का मकसद केवल कागजी जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर बैठाया गया है ताकि जनता को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सके। यह सभी शिविर प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्बाध रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
शेष दो दिनों में और अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद; अधिकारियों को सख्त निर्देश
पहले दिन की अपार सफलता को देखते हुए दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि शिविर के शेष दो दिनों में और भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, विशेषकर कामकाजी वर्ग जो कार्यदिवसों (Working Days) में समय नहीं निकाल पाते। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि आने वाले दिनों में भी केंद्रों पर आने वाले हर नागरिक को बेहतर सुविधा, उचित मार्गदर्शन और पारदर्शी व त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।







