नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली सहित दुनिया भर में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान श्री झूलेलाल जी की आराधना का महापर्व ‘चालीहा साहब’ कल, 16 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। ‘सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत)’ के तत्वाधान में पुराना राजेंद्र नगर स्थित सिंधु भवन में 16 जुलाई से 25 अगस्त 2026 तक यह 40 दिवसीय भक्ति अनुष्ठान बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष श्री जगदीश नागरानी और महासचिव श्री नरेश बेलानी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस दौरान रोजाना शाम 7:00 से 8:00 बजे तक भक्तगण भगवान झूलेलाल जी की विशेष आराधना और आरती करेंगे।
उद्घाटन समारोह में सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
महासचिव श्री नरेश कुमार बेलानी ने पत्रकारों को जानकारी दी कि 16 जुलाई को आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में क्षेत्र की लोकप्रिय सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की प्रबल संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस आस्था के समागम में भगवान झूलेलाल जी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों, विधायकों, निगम पार्षदों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति की स्वीकृति प्रदान की है।
राम मंदिर को 200 किलो चांदी दान देने की खबरों पर सिंधी समाज का स्पष्टीकरण
हाल ही में सोशल मीडिया और खबरों में चल रहे राम मंदिर को 200 किलो चांदी दान देने और उसकी चोरी होने संबंधी विवाद पर सिंधी समाज ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है। महासचिव श्री नरेश बेलानी और ‘सिंधी संवाद’ के प्रधान संपादक श्रीकांत भाटिया ने बताया कि संपूर्ण सिंधी समाज ने राम मंदिर को कोई 200 किलो चांदी दान नहीं दी थी, बल्कि वह सिंधी समाज की ही एक नवगठित संस्था के कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा दिया गया निजी दान था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी का आरोप भी सिंधी समाज ने नहीं, बल्कि उसी विशेष संस्था ने लगाया है। समाज सरकार और मंदिर ट्रस्ट से अनुरोध करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
‘हिन्द में सिंध’ के प्रारूप के लिए एकजुट होगा सिंधी समाज
प्रेस वार्ता के दौरान लाल साईं मंदिर (लाजपत नगर) के श्री राजेश जेठानी ने एक महत्वपूर्ण वैचारिक मुद्दे “हिन्द में सिंध कैसा हो” पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिंधु समाज दिल्ली के बैनर तले सिंधी समाज की सभी प्रमुख संस्थाओं से एक मंच पर आने की अपील की जाएगी। सभी से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एकजुट हों और ‘हिन्द में सिंध’ की परिकल्पना का एक ठोस प्रारूप तैयार करें, ताकि सिंधी समुदाय की भावनाओं और संस्कृति से केंद्र सरकार को विधिवत अवगत कराया जा सके।
केंद्र सरकार से की गई ‘सिंधु भवन’ आवंटित करने की मांग
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए गुरुग्राम सिंधी पंचायत के श्री विनोद कुमार पहिलजानी ने सिंधी समाज की पहचान को संजोने के लिए सरकार के समक्ष एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने केंद्र सरकार से पुरजोर अनुरोध किया कि सिंधी समाज को जल्द से जल्द केंद्र की ओर से एक भव्य ‘सिंधु भवन’ आवंटित किया जाए। इससे न केवल दुनिया भर में रह रहे सिंधी समुदाय को अपनी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की जगह मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने अस्तित्व और पहचान का एक मजबूत संबल भी प्राप्त होगा।
इस प्रेसवार्ता और महत्वपूर्ण घोषणा के अवसर पर सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) के उपाध्यक्ष श्री हरीश ककवानी, श्री किशन झुरानी, कोषाध्यक्ष श्री कमल टेकचंदानी, अतिरिक्त महासचिव सर्वश्री अशोक डीप चंदानी, कमल पी रामचांदानी, सूरज प्रकाश तेवानी, डॉ. जगदीश भाटिया और कार्यकारिणी सदस्य श्री मनोहर लाल रंगवानी सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।



