E20 पेट्रोल विरोध को भाजपा ने बताया नौटंकी; हर्ष मल्होत्रा बोले- ‘पंजाब में हार देखकर सोशल मीडिया पॉलिटिक्स पर लौटे केजरीवाल’

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नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026: दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। एथनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) के विरोध में केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री आवास की ओर रुख करने और धरना देने के घटनाक्रम को भाजपा ने महज एक “राजनैतिक ड्रामा” करार दिया है। हर्ष मल्होत्रा ने दावा किया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में अपनी संभावित हार को देखते हुए केजरीवाल एक बार फिर ध्यान भटकाने और सोशल मीडिया की राजनीति करने पर उतर आए हैं।

“आधे घंटे का धरना और कागजों का पुलिंदा सौंपकर किया नाटक”

प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को E20 ईंधन के तकनीकी फायदों की अच्छी समझ है, लेकिन वे केवल खबरों में बने रहने के लिए राजनीति कर रहे हैं।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा:

“हमने कल ही कहा था कि अरविंद केजरीवाल एथनॉल मुद्दे पर सिर्फ राजनीति करेंगे। आज उन्होंने पुलिस द्वारा रोके जाने का दावा करते हुए अपने कार्यालय के बाहर आधे घंटे का धरना नाटक किया और फिर पुलिस को कागजों का पुलिंदा सौंपकर 2,33,238 याचिकाएं जमा करने का दावा कर दिया।”

“100 गाड़ियों का इंजीनियर सर्टिफिकेट आज भी नहीं दिखा पाए”

भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल को अपनी पुरानी चुनौती दोहराते हुए कहा कि देश और दिल्ली के वाहन चालक बहुत समझदार हैं और जानते हैं कि एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल भविष्य का मूल ईंधन है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल E20 से गाड़ियों के खराब होने का भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन लगातार दी जा रही चुनौतियों के बावजूद वे आज तक ऐसी 100 गाड़ियां भी पेश नहीं कर पाए हैं, जिनके पास किसी अधिकृत ऑटोमोबाइल इंजीनियर का यह प्रमाण पत्र हो कि उनका इंजन E20 पेट्रोल की वजह से खराब हुआ है।

“राजनीति न छोड़ी तो बचा-कुचा अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा”

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पंजाब में लगातार घटते जनाधार और 2027 के चुनाव में निश्चित हार के डर से केजरीवाल फिर से 2011-12 वाली सोशल नेटवर्किंग और धरने-प्रदर्शन की राजनीति पर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल को देश के आर्थिक विकास और पर्यावरण सुधार से जुड़े एथनॉल मुद्दे पर राजनीति करना बंद कर देना चाहिए, वरना वे अपना बचा-कुचा राजनीतिक अस्तित्व भी खो बैठेंगे।

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